महिला पटवारी का वो संगीन कांड कि विभाग में मच गया हड़कंप,लोकायुक्त को संभालना पड़ा मोर्चा

Edited By Desh Raj, Updated: 13 Mar, 2026 05:23 PM

female patwari caught red handed accepting bribe in mp

मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर कर्मचारियों और अधिकारियों के मामले लगातार हर रोज सामने आ रहे हैं। बेईमानी और भ्रष्टाचार करते हुए कोई न कोई कर्मचारी पकडा ही जा रहा है। अब जिला धार से एक ऐसा ही मामला सामने आय़ा है जहां पर रिश्वतखोर पटवारी को रंगे हाथों...

(धार): मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर कर्मचारियों और अधिकारियों के मामले लगातार हर रोज सामने आ रहे हैं। बेईमानी और भ्रष्टाचार करते हुए कोई न कोई कर्मचारी पकडा ही जा रहा है। अब जिला धार से एक ऐसा ही मामला सामने आय़ा है जहां पर रिश्वतखोर पटवारी को रंगे हाथों लोकायुक्त ने रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। एक महिला पटवारी को लोकायुक्त इंदौर की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। दरअसल जमीन का पट्टा आवेदक के नाम करने के बदले में महिला पटवारी ने एक लाख रुपये की घूस की मांग कर डाली थी।

महिला पटवारी ने जमीन का पट्टा नाम करने की एवज में मांगी थी रिश्वत

दरअसल धार की इस  महिला पटवारी ने जमीन का पट्टा नाम करने की एवज में रिश्वत मांगी थी। मामले में  सरदारपुर तहसील के भानगढ़ ग्राम पंचायत में रहने वाले लक्ष्मण कुमावत ने लोकायुक्त इंदौर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदक लक्ष्मण ने बताया कि उसके ग्राम कुमारिया खेड़ी में खाली जमीन पर कई साल से कब्जा है। उसी जमीन का पट्टा उसके नाम होने वाला था । इसी मामले में काम को करवाने के लिए वो पटवारी के पास गया लेकिन पटवारी ने काम की एवज में रुपयों की मांग की । महिला पटवारी भारती राजपूत ने उससे एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की। इसकी ही शिकायत उसने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में करवाई।

5 हजार रुपये लेते हुए पटवारी को रंगे हाथों धरा

आवेदक लक्ष्मण कुमावत की शिकायत पर लोकायुक्त टीम ने पटवारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। आज यानिकी शुक्रवार 13 मार्च को रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 5 हजार रुपये देने के लिए महिला पटवारी के पास आवेदक को भेजा। बस इसी जाल मे महिला पटवारी आ गई और रुपये लेते रंगें हाथों धरी गई। महिला पटवारी ने आवेदक से जैसे ही रिश्वत के रुपये लिए तो लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों दबोच लिया।

लिहाजा रिश्वतखोर आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। लेकिन ये बात सोचने पर  मजबूर कर रही है कि बेइमानी के मामले में पुरुष कर्मचारियों के मुकाबले में महिला कर्मचारी भी पीछे नहीं हैं।

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