बैंक प्रबंधन के चलते परेशान हो रहे किसान, पैसा निकालने के लिए रात भर करना पड़ता है इंतजार

Edited By Vikas kumar, Updated: 11 Aug, 2020 09:57 PM

farmers are getting worried due to bank management

बैरसिया तहसील के कस्बा नजीराबाद के को-आपरेटिव सेंट्रल बैंक की नजीराबाद शाखा में बैंक प्रबंधन की उदासीनता के चलते किसान और स्थानीय ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। बैंक से अपना खुद का पैसा नि.....

भोपाल (इजहार हसन खान): बैरसिया तहसील के कस्बा नजीराबाद के को-आपरेटिव सेंट्रल बैंक की नजीराबाद शाखा में बैंक प्रबंधन की उदासीनता के चलते किसान और स्थानीय ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। बैंक से अपना खुद का पैसा निकालने के लिए लोगों को लंबी-लंबी लाइन में लगना पड़ता हैं। यही नहीं हद तो यह है कि अपना नम्बर जल्दी आने के लिए कई किसान तो रात में बैंक के बाहर ज़मीन पर सो जाते हैं, जिससे की सुबह जल्दी नंबर आ जाए।

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जनप्रतिनिधियों और किसानों द्वारा बार-बार बैंक में काउंटर बढ़ाए जाने की मांग की जा रही है। मगर बैंक प्रबंधन सुनने को तैयार नही है। यह पहली बार नहीं है, जब किसानों को इस तरह से परेशान होना पड़ रहा है। इससे पहले गेहूं के पैसे निकालने के लिए भी कई किसानों को रात-रात भर बैंक के गेट पर आकर सोना पड़ा था। वहीं अब केसीसी के पैसों में भी वही हाल हैं। बैंक में एक काउंटर होने के कारण किसानों को घंटों बैंक की लाइन में इंतजार का करना पड़ रहा है। नजीराबाद क्षेत्र के किसानों के हालात दिन बा दिन बुरे होते जा रहे हैं।

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जब किसानों से रात को बैंक के बाहर सोने की वजह जानी तो किसानों का कहना था कि बैंक प्रबंधन द्वारा रोज़ाना 100 टोकन दिये जाते हैं। 100 से ऊपर होने पर किसान को अगले दिन आकर बैंक के बाहर अपने नम्बर के इंतजार ही में बैठना पड़ता है। टोकन लेने के लिए लाइन में लगने वाले किसानों की संख्या लगभग 150 से 200 होती हैं।मगर किसानों को मात्र 100 टोकन दिए जाते हैं, बाकी के 50 से 100 किसानों को वापस भेज दिया जाता है। यही वजह है कि किसान टोकन लेने के लिए रात में ही बैंक के बाहर अपनी पास बुक की लाइन लगाकर ज़मीन पर सो जाता है। वहीं इस मामले में एसडीएम बैरसिया राजीव नंदन श्रीवास्तव का कहना है कि यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। मैंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि व्यवस्था बनाई जाए, किसानों को किसी भी हालत में परेशान नहीं होने दिया जाए, मैं खुद वहां जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करूंगा।

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