Edited By meena, Updated: 16 Mar, 2026 08:36 PM

राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोमवार को चांदी की कीमतें 9,000 रुपये लुढ़ककर 2.56 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गईं, जबकि सोना 2,950 रुपये टूटकर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया...
एमपी डेस्क: राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोमवार को चांदी की कीमतें 9,000 रुपये लुढ़ककर 2.56 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गईं, जबकि सोना 2,950 रुपये टूटकर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। विश्लेषकों ने कहा कि कमज़ोर वैश्विक रुझानों और मज़बूत डॉलर ने कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित किया। चांदी 9,000 रुपये, या 3.4 प्रतिशत लुढ़ककर 2,56,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) रह गई, जो शुक्रवार के बंद भाव 2,65,500 रुपये प्रति किलोग्राम से कम है। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने में लगातार तीसरे दिन गिरावट जारी रही और यह 2,950 रुपये या 1.81 प्रतिशत टूटकर 1,60,250 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रह गया। कारोबारियों ने सर्राफा कीमतों में गिरावट का कारण मुनाफावसूली और सुरक्षित निवेश की मांग के डॉलर और बॉन्ड की ओर मुड़ने को बताया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया हुआ है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ''सोने की कीमतें फिलहाल नीचे आ रही हैं, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण बाज़ार में लंबे सौदों की तेज़ी से कटान की जा रही है। हम सुरक्षित निवेश की मांग में एक स्पष्ट बदलाव देख रहे हैं। निवेशक कीमती धातुओं से अपना पैसा निकालकर डॉलर और बॉन्ड में लगा रहे हैं।'' उन्होंने आगे कहा कि यह बदलाव इस उम्मीद से प्रेरित है कि वैश्विक केंद्रीय बैंक, अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति में आई बाधाओं से पैदा हुई महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरों में बदलाव को कुछ समय के लिए रोक देंगे।
परमार ने बताया कि घरेलू बाज़ार में सोने और चांदी में अब तेज़ी का ज़ोर खत्म होता दिख रहा है, क्योंकि वित्त वर्ष के अंत से पहले बाज़ार में लंबे सौदों की अब कटान की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी सर्राफा कीमतें नीचे ही रहीं, जो घरेलू बाज़ार जैसे ही रुझान दिखा रही थीं। यहां हाज़िर सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे फिसल गया, जबकि चांदी 80 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गई। सोना 20.94 डॉलर या 0.42 प्रतिशत गिरकर 4,998.31 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी 1.81, या 2.25 प्रतिशत टूटकर 78.76 डॉलर प्रति औंस रह गई।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक, प्रवीण सिंह ने बताया कि विदेशी बाजारों में सोना लगभग 4,992 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। इसकी वजह यह है कि मज़बूत डॉलर ने कीमतों पर दबाव डाला है। साथ ही, ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण मुद्रास्फीति (महंगाई) की चिंताओं में बढ़ोतरी हुई है, जिससे फेडरल रिज़र्व द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम हो गई हैं।
कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी (जिंस शोध), कायनात चैनवाला ने कहा कि निकट भविष्य में सर्राफा (सोना-चांदी) की कीमतें नरम रह सकती हैं। जब तक भू-राजनीतिक या नीतिगत दृष्टिकोण में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता, तब तक कीमतों में किसी भी दिशा में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव होने की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि कारोबारी, फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की आगामी नीतिगत बैठक पर नज़र रखे हुए हैं। वे इस बैठक से मिलने वाले नए आर्थिक अनुमानों के आधार पर नीतिगत दृष्टिकोण के बारे में संकेत तलाश रहे हैं, क्योंकि व्यापक रूप से यह उम्मीद की जा रही है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा (यानी यथास्थिति बनाए रखेगा)। उन्होंने कहा, ''आंकड़ों के मोर्चे पर, अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) और साप्ताहिक बेरोज़गारी के दावों पर खास नज़र रहेगी, ताकि व्यापक अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य के बारे में संकेत मिल सकें।''