Edited By Desh Raj, Updated: 05 Mar, 2026 09:37 PM

मध्य प्रदेश के भोपाल में चर्चित RTO पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा मामले में आयकर विभाग (IT) बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। दरअसल आयकर विभाग की एड्ज्यूकेटिंग अथॉरिटी ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए सौरभ शर्मा को बरामद सोने का असली मालिक माना है।
(भोपाल): मध्य प्रदेश के भोपाल में चर्चित RTO पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा मामले में आयकर विभाग (IT) बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। दरअसल आयकर विभाग की एड्ज्यूकेटिंग अथॉरिटी ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए सौरभ शर्मा को बरामद सोने का असली मालिक माना है। इसके साथ ही सौरभ शर्मा और उसके करीबी सहयोगी चेतन सिंह गौर से जुड़ी करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.
18-19 दिसंबर 2024 को हुई थी कार्रवाई
दरअसल 18-19 दिसंबर 2024 की दरमियानी रात भोपाल के मेंडोरी जंगल से आयकर विभाग के अधिकारियों ने भारी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ छापेमार कार्रवाई की थी। रेड के दौरान कार के साथ सोना जब्त किया गया। 52 किलो सोना जब्त किया था और हड़कंप मच गया था। इतनी भारी मात्रा में सोने की बरामदगी से हर कोई हैरान था।
सौरभ शर्मा ही असली मालिक
आयकर विभाग ने इस लेनदेन को पीबीपीटी अधिनियम की वास्तविक मालिक के तहत बेनामी मानते हुए चेतन सिंह गौर को बेनामीदार और सौरभ शर्मा को वास्तविक मालिक बताया है। एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने आयकर विभाग की बेनामी विंग की कार्रवाई को सही ठहराया था। हालांकि अभी सौरभ शर्मा और चेतन सिंह गौर के पास अपील का मौका है।
2025 में हुई थी सौरभ शर्मा और उसके सहयोगियों से जुड़ी संपत्तियों की अस्थायी कुर्की
हालांकि आयकर विभाग ने अगस्त 2025 में सौरभ शर्मा और उसके सहयोगियों से जुड़ी संपत्तियों की अस्थायी कुर्की की थी. उस समय इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 52 करोड़ रुपये आंकी थी. लेकिन संपत्तियों के मूल्यांकन के बाद अब इनकी कुल कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। आयकर विभाग के मुताबिक सौरभ शर्मा से जुड़ी करीब 32 संपत्तियों की पहचान की गई है