Edited By meena, Updated: 21 Feb, 2026 08:25 PM

मध्य प्रदेश कांग्रेस में एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तहत विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष पद से हेमंत कटारे ने इस्तीफा दे दिया है। अपने त्यागपत्र में उन्होंने लिखा कि वह परिवार और अपने विधानसभा क्षेत्र की...
भोपाल (इजहार खान) : मध्य प्रदेश कांग्रेस में एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तहत विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष पद से हेमंत कटारे ने इस्तीफा दे दिया है। अपने त्यागपत्र में उन्होंने लिखा कि वह परिवार और अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे थे। इसी कारण वे जिम्मेदारी का समुचित निर्वहन करने में स्वयं को असमर्थ महसूस कर रहे थे। उनके इस कदम से पार्टी के भीतर अचानक हलचल तेज हो गई है और इसे संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
पीसी शर्मा का बड़ा दावा
कटारे के इस्तीफे के तुरंत बाद पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का बयान सामने आया, जिसने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। शर्मा ने दावा किया कि इस्तीफे की असली वजह सम्मान की कमी है। उनके अनुसार, कटारे को यह महसूस हो रहा था कि पार्टी में उन्हें उचित मान-सम्मान नहीं मिल रहा। शर्मा ने कहा कि कटारे अपने वर्ग के एकमात्र ऐसे नेता थे, जो कांग्रेस में महत्वपूर्ण पद पर थे, ऐसे में उनकी नाराजगी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
शीर्ष नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग
पीसी शर्मा ने पार्टी नेतृत्व से अपील करते हुए कहा कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, हरीश चौधरी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को कटारे से बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संवाद के जरिए उन्हें उचित सम्मान दिया जाए और इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाया जाए। इस बयान के बाद कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और अधिक गरमा गई है।
नेतृत्व पर उठे सवाल
कटारे के इस्तीफे और शर्मा के बयान ने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी के भीतर अब यह चर्चा तेज है कि क्या यह केवल व्यक्तिगत कारण है या संगठन में असंतोष की व्यापक झलक। आने वाले दिनों में शीर्ष नेतृत्व की प्रतिक्रिया और संभावित बातचीत से ही यह स्पष्ट होगा कि यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।