Edited By meena, Updated: 20 Feb, 2026 08:07 PM

मध्यप्रदेश विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष रहे हेमंत कटारे ने अपने पद से अचानक इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है। ऐसे में संगठनात्मक कारणों और पार्टी अनुशासन से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठने लगे हैं...
भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष रहे हेमंत कटारे ने अपने पद से अचानक इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है। ऐसे में संगठनात्मक कारणों और पार्टी अनुशासन से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठने लगे हैं। कयास लगाए जाने लगे है कि हाल के राजनीतिक घटनाक्रम और आंतरिक मतभेदों के बीच उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने का निर्णय लिया है या सच में ही पारिवारिक कारण रहे हैं।
पार्टी अनुशासन और संगठनात्मक संदेश
सूत्रों के अनुसार, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के बीच पटरी नहीं बैठ पा रही थी। इससे पहले भी पार्टी नेतृत्व ने संगठन में अनुशासन और एकरूपता बनाए रखने के संकेत दिए थे। इसी परिप्रेक्ष्य में कटारे का इस्तीफा एक संदेश के रूप में देखा गया, ताकि विपक्ष की भूमिका अधिक संगठित और प्रभावी ढंग से निभाई जा सके।
राहुल गांधी के दौरे से पहले मचा बवाल
वहीं 24 फरवरी को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मध्य प्रदेश आने वाले हैं। मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी भारत-यूएस ट्रेड डील पर बड़े प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भोपाल आ रहे हैं। दोनों दिग्गज नेताओं के दौरे से पहले हेमंत कटारे के पद से इस्तीफा देने से प्रदेश की राजनीति में गरमा गई है।
राजनीतिक रणनीति का हिस्सा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आगामी रणनीतियों और विधानसभा सत्रों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया हो सकता है। विपक्ष के भीतर नई ऊर्जा और समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से भी नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा रही है।
आधिकारिक बयान का इंतजार
हालांकि, इस्तीफे को लेकर विस्तृत आधिकारिक कारणों पर पार्टी की ओर से विस्तृत बयान का इंतजार है। कटारे ने अपने वक्तव्य में कहा कि वे पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहेंगे और संगठन के निर्देशों का पालन करेंगे। यह घटनाक्रम मध्यप्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहा है और आने वाले समय में विपक्ष की रणनीति पर इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।