Edited By Desh Raj, Updated: 15 Feb, 2026 07:40 PM

मध्य प्रदेश में इसी साल राज्यसभा की 3 सीटें खाली हो रही हैं। राज्यसभा सासंद दिग्विजय सिंह का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है इसी तरह से 2 और सीटें भी खाली हो रही हैं। वैसे कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह पहले ही राज्यसभा जाने से मना कर चुके...
(डेस्क): मध्य प्रदेश में इसी साल राज्यसभा की 3 सीटें खाली हो रही हैं। राज्यसभा सासंद दिग्विजय सिंह का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है इसी तरह से 2 और सीटें भी खाली हो रही हैं। वैसे कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह पहले ही राज्यसभा जाने से मना कर चुके हैं। जाहिर सी बात है कि जब दिग्विजय खुद ही उच्च सदन में जाने को लेकर इकार कर चुके है तो उनकी जगह किसी और चेहरे को कांग्रेस मौका दे सकती है। अंदेशा जताया जा रहा है कि कांग्रेस मध्य प्रदेस से किसी अनुसूचित जाति या जनजाति वर्ग के किसी चेहरे को राज्यसभा में भेज सकती है।
कांग्रेस अजा विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार पार्टी को लिख चुके हैं पत्र
दिग्विजय सिंह के राज्यसभा में जाने को लेकर मना करने के बाद कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार पार्टी को पत्र लिखकर मांग भी कर चुके हैं। कांग्रेस के भीतर यह मांग उठ चुकी है कि इस बार अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के वर्ग से राज्यसभा में प्रत्याशी भेजा जाए।
कांग्रेस अजा विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार पत्र लिखकर ये मांग कर चुके हैं। वैसे सीट एक ही है तो पार्टी में प्रत्याशी के नाम को लेकर ज्यादा माथापच्ची नहीं है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में कांग्रेस वैसे भी दलित एंजेंडे पर काम कर रही है तो राज्यसभा में अजा और अजजा वर्ग से केंडिडेट भेजे जाने से ज्यादा आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
कौन हो सकता है दावेदार?

अगर राज्यसभा दावेदार की बात की जाए तो कुछ नाम सामने आते है। लेकिन इस रेस में पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन का नाम चर्चा मे है। कांग्रेस के तीन सांसदों में अशोक सिंह, विवेक तन्खा और दिग्विजय सिंह हैं। इनमें अशोक सिंह पिछड़े वर्ग से संबंध रखते हैं और यादव समाज से आते हैं लेकिन फिर भी पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव को मौका मिलना नहीं दिख रहा है। वेसे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नाम को लेकर भी चर्चा है कि पार्टी उन्हें राज्यसभा भेज सकती है। लेकिन इसमें में जातिगत समीकरण आड़े आ रहे हैं। लिहाजा कांग्रेस आलाकमान SC/ST वर्ग से ही राज्यसभा में दावेदार की खोज कर रहा है।
भाजपा के खाते में 2 और कांग्रेस के खाते में 1 सीट तय
राज्यसभा की जो ये तीन सीटें खाली हो रही हैं इनमें 2 सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के पक्ष में जाएगी। प्रदेश विधानसभा में विधायकों की संख्या बल के हिसाब से देखा जाए तो यही स्थिति राज्यसभा चुनाव में रहेगी।