तो क्या MP कांग्रेस अपनी दिशा में भटक रही है,नेता खुद तय कर रहे अपनी राह, आलाकमान का जोर नहीं

Edited By Desh sharma, Updated: 21 Jan, 2026 07:36 PM

so is the mp congress losing its way

क्या मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सब सही नहीं चल रहा है..क्या कांग्रेस नेता अपने-अपने एजेंडे खुद तय कर रहे हैं...क्या कांग्रेस नेतृत्व नेताओं पर लगाम लगाने में अक्षम हो गया है। ये सारे सवाल इसलिए पैदा हो रहे हैं क्योंकि कांग्रेस नेताओं के हाल ही बयानों...

(डेस्क): क्या मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सब सही नहीं चल रहा है..क्या कांग्रेस नेता अपने-अपने एजेंडे खुद तय कर रहे हैं...क्या कांग्रेस नेतृत्व नेताओं पर लगाम लगाने में अक्षम हो गया है। ये सारे सवाल इसलिए पैदा हो रहे हैं क्योंकि कांग्रेस नेताओं के हाल ही बयानों ने कई कांग्रेस की दिशा कुछ और ही तय कर दी है।

पार्टी नेताओं की पिछली कुछ गतिविधियां बता रही हैं कि कांग्रेस संघर्ष की ओर बढ़ रही है। कुछ ऐसे बयान है जिस पर न तो पार्टी का नेतृत्व लगाम पा रहा है और नही वरिष्ठ नेता। कांग्रेस पार्टी के ही कुछ नेता सवर्णों को लेकर जहर उगल रहे हैं तो नेतृत्व इस पर कुछ नहीं बोल रहा है। सवर्णों के खिलाफ दिए गए अनर्गल बयानों पर भी पार्टी चुप्प है।

प्रदेश में इसके लिए कोई गाइडलाइन तय नहीं होने से हर नेता अपनी दिशा खुद तय कर रहा है।ऐसा लगता है कि पार्टी आलाकमान की किसी को परवाह नहीं रह गई है। कुछ ऐसा नेताओं के बयान आपको बताते हैं जिन पर कांग्रेस नेतृत्व ने अपने नेताओं को बोलना और टोकना मुनासिब नहीं समझा है।

वाक्या नंबर 1- बरैया के बवाल बोल

कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में 26 दिसंबर को कार्यकारिणी की बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष की मौजूदगी में विधायक फूलसिंह बरैया ने सवणों पर जमकर अपशब्द कहे लेकिन बरैया को समझाने की बजाय सब सुनते रहे। और तो और  विधायक फूल सिंह बरैया ने स्वर्णों पर दलित और आदिवासी महिलाओं के साथ रेप करने जैसी अनर्गल बातें कहीं, बाद में विवाद बढ़ने पर उन्होंने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि उन्होंने एक किताब में यह बातें पढ़ी थी.

वाक्या नंबर 2- पूर्व विधायक ने भी उगला जहर

18 जनवरी को अपाक्स सम्मेलन में पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने कथावाचकों और सवर्ण समाज को लेकर क्या-क्या नहीं बोला, सम्मेलन में महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल स्वयं मौजूद थीं लेकिन किसी ने प्रजापति को नहीं रोका।

वाक्या नंबर 3- संतोष वर्मा पर भी पार्टी चुप ही रही

आइएएस संतोष वर्मा का ब्राद्वाण बेटियों के संबंध में दिया गया बयान प्रदेश से देश तक तहलका मचाता रहा, इस विवादित बयान के बाद भी पार्टी मौन रही। वहीं दलित एजेंडा भोपाल डिक्लेरेशन-2 में ही दिग्विजय सिंह ने तीसरी बार राज्यसभा नहीं जाने का ऐलान कर दिया। दिग्विजय सिंह ने तो यहां तक कह दिया कि यदि मध्यप्रदेश में दलित सीएम बनता है तो वे उसका स्वागत करेंगे।

तो इस तरह से अलग-अलग कांग्रेस नेताओं के अलग –अलग बयान और आलाकमान का मामलों पर चुप्पी साधना बताता है कि कांग्रेस अलग ही दिशा में जा रही है। किसी एक जाति पर निशाना साधकर दूसरी जाति का समर्थन करना का एजेंडा संघर्ष की दास्तान बयान कर रहा है।   

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!