विजयवर्गीय ने जगदीश देवड़ा को बताया ‘छोटे कद’ का मंत्री, सदन में चौंक गए सभी

Edited By meena, Updated: 19 Feb, 2026 03:17 PM

vijayvargiya called jagdish deora a  small sized  minister

भोपाल में चल रहे मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक ऐसा क्षण आया जिसने पहले सदन को चौंकाया और फिर माहौल को हल्का कर दिया। जैसे ही अध्यक्ष ने वित्त मंत्री का नाम बजट भाषण के लिए पुकारा...

भोपाल : भोपाल में चल रहे मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक ऐसा क्षण आया जिसने पहले सदन को चौंकाया और फिर माहौल को हल्का कर दिया। जैसे ही अध्यक्ष ने वित्त मंत्री का नाम बजट भाषण के लिए पुकारा, उससे पहले नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय खड़े हो गए। उन्होंने वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा को संबोधित करते हुए उन्हें ‘छोटे कद का वित्त मंत्री’ कहा और उनकी तुलना देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से कर दी। इस टिप्पणी का आशय तुरंत स्पष्ट नहीं हुआ, जिससे कुछ क्षणों के लिए सदन में हल्की हैरानी देखी गई।

 ‘कद’ के अर्थ पर अलग-अलग व्याख्याएं

विजयवर्गीय की टिप्पणी ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को जन्म दे दिया। ‘कद’ शब्द को लेकर विभिन्न अर्थ निकाले जाने लगे। कुछ सदस्यों और विश्लेषकों ने इसे शारीरिक कद की बजाय राजनीतिक अनुभव और व्यक्तित्व की ऊंचाई से जोड़कर देखा। उनका मानना है कि यह तुलना शास्त्री जी की सादगी और प्रभावशाली नेतृत्व शैली के संदर्भ में की गई थी। वहीं, कुछ लोगों ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज में की गई टिप्पणी बताया, जिसका उद्देश्य केवल माहौल को सहज बनाना था। इस दोहरे अर्थ ने घटना को और अधिक चर्चित बना दिया।

छहवीं बार बजट पेश करने का उल्लेख

कैलाश विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि जगदीश देवड़ा छठी बार सदन में बजट प्रस्तुत कर रहे हैं, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने सदन के सदस्यों से तालियां बजाकर उनका स्वागत करने का आग्रह भी किया। यह अपील सुनते ही माहौल में सकारात्मकता घुलने लगी। शुरुआती हैरानी के बाद सदन में मुस्कुराहटें दिखीं और कई सदस्य इस टिप्पणी को प्रोत्साहन के रूप में लेने लगे। इस तरह बजट सत्र की शुरुआत एक अनपेक्षित लेकिन सौहार्दपूर्ण अंदाज में हुई।

मुस्कुराहट के साथ आगे बढ़ी कार्यवाही

घटना के बाद जगदीश देवड़ा ने मुस्कुराते हुए अपना बजट भाषण प्रारंभ किया और कार्यवाही सामान्य रूप से आगे बढ़ी। इस प्रसंग को कई लोगों ने सदन की सकारात्मक शुरुआत के रूप में देखा। राजनीतिक वातावरण में जहां अक्सर तीखी नोकझोंक देखने को मिलती है, वहां इस तरह की हल्की टिप्पणी ने माहौल को मानवीय और सहज बना दिया। फिलहाल, ‘कद’ को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच यह स्पष्ट है कि बजट सत्र की शुरुआत यादगार अंदाज में दर्ज हो गई।

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