Edited By Himansh sharma, Updated: 23 Feb, 2026 04:38 PM

मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा देने वाले अटेर विधायक हेमंत कटारे ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी है।
भोपाल। (इजहार खान): मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा देने वाले अटेर विधायक हेमंत कटारे ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी है। कटारे ने साफ शब्दों में कहा कि सदन में गंभीर और जनहित से जुड़े मुद्दों पर समुचित चर्चा नहीं हो पा रही थी। इसी पीड़ा के चलते उन्होंने अपने पद से कार्यमुक्त होने की भावना पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर व्यक्त की।
कटारे ने इस्तीफे के पीछे किसी भी तरह के दबाव या कमजोर पड़ने की अटकलों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा —
“मैंने कोई दबाव में आकर इस्तीफा नहीं दिया है। अब मेरी आवाज पहले से ज्यादा मजबूती के साथ विधानसभा में गूंजेगी।”
FIR और केस री-ओपन पर भी दिया करारा जवाब
अपने खिलाफ पुराने मामलों के फिर से उठने और FIR को लेकर सवालों पर कटारे ने बेबाकी से कहा —
मैं चंबल की मिट्टी से हूं, FIR से डरने वालों में से नहीं हूं। अगर केस री-ओपन होता है तो भी मजबूती से सामना करूंगा। ऐसे मामलों में हम और मजबूती से खड़े रहते हैं।
बजट सत्र में क्यों उठाया बड़ा कदम?
सूत्रों के मुताबिक, बजट सत्र के दौरान विपक्ष के कई अहम मुद्दों को लेकर सदन में अपेक्षित चर्चा नहीं हो पा रही थी। इसी बात से नाराज होकर कटारे ने उप नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा देने का फैसला किया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पार्टी और जनता की आवाज पहले से ज्यादा ताकत के साथ उठाते रहेंगे।
राजनीति में बढ़ेगा टकराव?
कटारे के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।