Edited By Himansh sharma, Updated: 08 Mar, 2026 12:02 PM

मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में 25 फरवरी को हुई लूट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है
सिंगरौली (अंबुज तिवारी): मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में 25 फरवरी को हुई लूट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.मामले का मुख्य आरोपी अभी फरार है.जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने ₹10000 नगद का इनाम घोषित किया है.
लूट की संदिग्ध कहानी ने खोला 'सस्ते सोने' का राज
पूरा मामला बीते माह 25 फरवरी का है.जियावन थाने में मौजूद प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह के पास दो युवक पहुंचे.उन्होंने बताया कि उनके साथ ढाई लाख रुपए की लूट की गई है.जब फरियादी बनकर थाने पहुंचे युवकों ने थाना प्रभारी को घटना की बात बताई तब उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि लूट की इस कहानी में सस्ते सोने का राज भी छुपा हुआ है.
घटना की सूचना मिलते ही तत्काल थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ झुरही-सजहर के उस स्थान पर पहुंचे जहां पर लूट होने की बात फरियादियों ने पुलिस को बताई थी.घटना की पुष्टि के लिए यहां आसपास के लगभग आधा सैकड़ा लोगों से पुलिस ने पूंछतांछ की लेकिन किसी ने इस घटना के वहां पर होने की ठोस पुष्टि नहीं की.तब पुलिस ने दोनों फरियादियों से अलग अलग पूंछतांछ की तो लूट की पूरी कहानी सामने आई.
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 10 हजार का इनाम
पुलिस ने लूटकांड का खुलासा करते हुए बताया कि वैढ़न के कचनी निवासी अनिल सिंह और गनियारी निवासी शिवमंगल सिंह ने कटनी के शातिर ठग बलवान उर्फ बंगला पारधी के साथ मिलकर लूट की योजना घटना से कई दिन पहले ही तैयार कर ली थी.पुलिस को दोनों आरोपियों ने बताया है कि इस लूट में उन्हें 10 प्रतिशत कमीशन मिलने वाला था.घटना को अंजाम तक पहुंचाने के लिए आरोपियों ने फरियादियों के सामने वैढ़न के बाबा ज्वेलर्स दुकान में असली सोने का टुकड़ा चेक करवाया.जिसके बाद फरियादियों को यह भरोसा हो गया कि उन्हें असली सोना बाजार से कम कीमत में मिलेगा.25 फरवरी को सस्ता सोना देने के लिए आरोपियों ने झुरही के जंगल में अमित द्विवेदी और उसके एक साथी को बुलाया और ढाई लाख की नगदी लूटकर बिना सोना दिए मौके से फरार हो गए.
लूट के बाद पुलिस को फरियादियों ने नहीं बताई पूरी बात
घटना के बाद फरियादियों की कहानी ने कुछ समय के लिए पुलिस को भी गुमराह कर दिया.उन्होंने लूट की जो कहानी बताई थी उसमें सस्ते सोने का राज पुलिस से भी छुपाया गया था.फरियादियों ने बताया था कि जबलपुर में भर्ती बेटे के इलाज के लिए ढाई लाख रुपए घर पहुंचाने आ रहे थे.रास्ते में पेशाब करने के दौरान अज्ञात बदमाशों ने पैसे लूटे और फरार हो गए.लेकिन जब पुलिस ने फरियादी की बात पर पड़ताल शुरू की तो पता चला कि उसका बेटा जबलपुर में नहीं बल्कि मां के साथ अपने ननिहाल में है.यहीं से लूट की रची कहानी पुलिस को संदिग्ध लगी.इसके बाद पुलिस ने सही दिशा में मामले की तहकीकात शुरू की.
फिलहाल पुलिस घटना के मुख्य आरोपी लूटकांड के मास्टरमाइंड बंगला पारधी की की तलाश कर रही है. इस प्रकार की घटनाओं से सीख मिलती है कि लोगों को जागरूक होना कितना जरूरी है.