भ्रष्टाचार का खजाना” - रिटायर्ड आबकारी अधिकारी के परिवार से फिर निकला करोड़ों का सोना!

Edited By Himansh sharma, Updated: 25 Oct, 2025 11:41 AM

gold worth crores recovered from the family of a retired excise officer

मध्य प्रदेश के इंदौर में लोकायुक्त की कार्रवाई ने एक बार फिर चौंका दिया है।

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में लोकायुक्त की कार्रवाई ने एक बार फिर चौंका दिया है। रिटायर्ड जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया और उसके परिवार के बैंक लॉकरों से करीब 3 करोड़ 85 लाख रुपए के सोने और हीरे के गहने बरामद हुए हैं।

लोकायुक्त टीम ने देवास नाका स्थित कैनरा बैंक और एचडीएफसी बैंक में कार्रवाई की। भदौरिया की बेटी अपूर्वा, बेटे सूर्यांश और बहू मिनी शुक्ला भदौरिया के नाम पर ये लॉकर संचालित थे।

कैनरा बैंक से निकले 1.65 किलो सोने के जेवर, कीमत लगभग 1.50 करोड़ रुपए।

एचडीएफसी बैंक से मिले 2 किलो सोना और हीरे के गहने, कीमत 2.35 करोड़ रुपए।

सूत्रों के मुताबिक, भदौरिया इन लॉकरों से गहने निकालने की फिराक में था, लेकिन लोकायुक्त ने पहले ही बैंक लॉकर फ्रीज़ कर दिए थे।

लोकायुक्त जांच की शुरुआत उसके कैलाश कुंज अपार्टमेंट से हुई थी, जहां से 80 लाख रुपए मूल्य का सोना मिला था। अब बैंक लॉकरों की बरामदगी के बाद कुल जब्ती रकम 4.5 करोड़ रुपए के पार पहुंच चुकी है।

धर्मेंद्र भदौरिया का सर्विस रिकॉर्ड भी विवादों से भरा रहा है — वह दो बार निलंबित हुआ, और कई जिलों में पोस्टिंग के दौरान अवैध शराब कारोबार से जुड़ी शिकायतों में घिरा रहा।

उसके पास वॉल्वो, फॉर्च्यूनर, दो इनोवा और दो सुपरबाइक हैं — सभी का नंबर 0045 ही रखा गया है। इतना ही नहीं, बेटे-बेटी ने एक व्यक्ति को 2.85 करोड़ रुपए का कर्ज भी दिया है।

लोकायुक्त की रिपोर्ट में सामने आया है —

 सेवा अवधि में आय सिर्फ 2 करोड़ रुपए

लेकिन संपत्ति 18 करोड़ 59 लाख रुपए

 यानी 829% अधिक संपत्ति जो किसी वैध स्रोत से मेल नहीं खाती।

अब लोकायुक्त की टीम उसके अन्य लॉकरों और निवेशों की भी पड़ताल कर रही है।

 सवाल बड़ा है — रिटायरमेंट के बाद भी ये “खजाना” आखिर कब तक खुलता रहेगा?

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