निर्मला सप्रे मामले में हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, सरकार को मिला ये निर्देश

Edited By meena, Updated: 20 Apr, 2026 09:17 PM

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सागर जिले की बीना सीट से विधायक निर्मला सप्रे कांग्रेस विधायक है या भाजपा विधायक मामले में जल्द ही स्थिति साफ होने वाली है। हालांकि विधायक निर्मला सप्रे में स्पष्ट कहा है कि वह कांग्रेस की हूं...

सागर : सागर जिले की बीना सीट से विधायक निर्मला सप्रे कांग्रेस विधायक है या भाजपा विधायक मामले में जल्द ही स्थिति साफ होने वाली है। हालांकि विधायक निर्मला सप्रे में स्पष्ट कहा है कि वह कांग्रेस की हूं। निर्मला सप्रे के इस बयान को हाई कोर्ट ने रिकॉर्ड में लिया है। मामले पर याचिकाकर्ता नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को सप्रे के बीजेपी में शामिल होने के सबूत पेश करने के लिए भी कहा गया था। जिस पर कि सिंघार ने जवाब दिया है कि वे 9 अप्रैल तक हाईकोर्ट में पार्टी व्हिप की प्रतियां सबूत के तौर पर पेश करेंगे।

हाईकोर्ट में आज 20 अप्रैल को हुई कार्रवाई में सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि 9 अप्रैल को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष प्रशासनिक व्यस्तता के चलते कार्रवाई नहीं हो पाई। राज्य सरकार ने जवाब पेश करने के लिए कोर्ट से समय मांगा। जिस पर कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष के सामने 22 अप्रैल को सुनवाई का समय दिया है। इसके बाद 29 अप्रैल को अब हाईकोर्ट सुनवाई करेगा।

आपको बता निर्मला सप्रे सागर की बीना सीट से कांग्रेस के टिकट पर साल 2023 में विधानसभा चुनाव जीतीं थीं लेकिन साल 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में भगवा पार्टी में शामिल हो गई थीं। मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हाईकोर्ट का रुख किया था और उनकी विधायकी को चुनौती दी थी। सिंघार ने जो याचिका लगाई थी उसमें मध्य प्रदेश सरकार, विधानसभा प्रमुख सचिव, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र तोमर के साथ निर्मला सप्रे को पार्टी बनाया। पहले उमंग सिंघार की ओर से सप्रे की सदस्यता रद्द करने को लेकर इंदौर खंडपीठ में याचिका लगाई थी, लेकिन इंदौर खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट में जाने की सलाह दी थी। 

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