रूह कंपा देने वाली वारदात! दो दिन पहले जेल से छूटे पति ने पत्नी को सड़क पर घेरा, खौफनाक कांड को दिया अंजाम

Edited By meena, Updated: 02 Oct, 2026 09:38 PM

horrific incident involving a husband and wife in chhatarpur

शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र की अमलतास कॉलोनी में शुक्रवार दोपहर हुई दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस...

छतरपुर (राजेश चौरसिया) : मध्य प्रदेश के छतरपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र की अमलतास कॉलोनी में शुक्रवार दोपहर हुई दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने महज कुछ घंटों बाद ही गिरफ्तार कर लिया है। सुबह करीब 11 बजे कॉलोनी में किराए से रह रही 26 वर्षीय युवती की दो बाईक सवार युवकों ने धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। चूंकि इसी इलाके में करीब डेढ़ माह पहले भी इसी तरह से एक महिला की नृशंस हत्या हुई थी, जिसके चलते शुरुआत में कई तरह की चर्चाएं होने लगी थीं, हालांकि इस हत्या के पीछे प्रेम विवाह के बाद पुश्तैनी कृषि भूमि को लेकर चल रहा जमीनी विवाद और रंजिश होना बताया गया है। यह भी पता चला है कि आरोपी अपनी सास को पीटकर कुछ महीने जेल गया था। दो दिन पहले जेल से बाहर आने के बाद उसके द्वारा पत्नी की हत्या की गई है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार मूलत: महाराजपुर के वार्ड नंबर 9 की रहने वाली 26 वर्षीय ज्योति पुत्री हुकुम चौरसिया ने करीब 7-8 वर्ष पूर्व महाराजपुर के खटीक मुहाल निवासी लखन जोशी से प्रेम विवाह किया था। वर्तमान में वह सिविल लाइन थाना अंतर्गत अमलतास कॉलोनी स्थित आवासीय ईडब्ल्यूएस-54 में अपने दो बच्चों के साथ रह रही थी और शहर के एक निजी होटल में काम कर अपने बच्चों का भरण-पोषण कर रही थीं। शुक्रवार की सुबह उसके दोनों बच्चे घर में सो रहे थे और वह घर में बाहर से ताला लगाकर बाजार गई हुई थी। बाजार से वापिस आने के दौरान घर से कुछ दूरी पर ही बाईक से आए दो लोगों ने उस पर धारदार हथियार से अचानक हमला कर दिया। सामने आए सीसीटीवी में दिख रहा है कि ज्योति काफी देर तक हमलावरों से जूझती रही लेकिन उसे बुरी तरह घायल कर आरोपी मौके से भागने में कामयाब रहे। गंभीर रूप से घायल हुई ज्योति ने अगले कुछ ही मिनटों में दम तोड़ दिया। दिनदहाड़े हुई इस गंभीर वारदात की सूचना पूरे शहर में आग की तरह फैली और चारों ओर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। वहीं सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष श्रोत्रिय भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। सबसे पहले पुलिस ने मृतिका के घर का दरवाजा खोलकर अंदर सो रहे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की गंभीरता को देखते हुए एएसपी आदित्य पटले भी मौके पर पहुंच गए थे। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के विशेषज्ञों ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट, खून के धब्बे और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर पूरे इलाके को सील कर आरोपियों की तलाश शुरु की।

5 घंटे में उत्तरप्रदेश से पकड़े गए आरोपी

वारदात को अंजाम देकर भागे हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में तुरंत विशेष टीमें गठित की गईं थीं, जिन्होंने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। वहीं साइबर सेल और तकनीकी विशेषज्ञों ने मोबाइल टावर डंप तथा तकनीकी साक्ष्यों के जरिए संदिग्धों के भागने की दिशा और लाइव लोकेशन ट्रेस की। पुख्ता इनपुट मिलते ही पुलिस टीमों ने घेराबंदी करते हुए पीछा किया और दोनों आरोपियों को जिले की सीमा से सटे उत्तरप्रदेश के ग्राम ननौरा से दबोच लिया, जो कि कोई और नहीं मृतिका का पति लखन जोशी और उसका साथी है।

अब हत्या की जड़ तक पहुंचने का प्रयास कर रही पुलिस

फिलहाल गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों आरोपियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर हत्या की जड़ तक पहुंचने के लिए गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारी वारदात में प्रयुक्त बाइक, हत्या में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार और आरोपियों के रक्तरंजित कपड़ों की बरामदगी की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। साथ ही इस बात की भी तहकीकात की जा रही है कि इस साजिश में क्या कोई अन्य व्यक्ति भी पर्दे के पीछे से मददगार की भूमिका निभा रहा था। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक साक्ष्यों और तकनीकी प्रमाणों को चार्जशीट का मजबूत आधार बनाकर आरोपियों को अदालत में सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।

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सास को पीटने के मामले में गया था जेल, बाहर निकलते ही पत्नी को मारा

प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि मृतिका ज्योति चौरसिया ने करीब 8 वर्ष पूर्व महाराजपुर के खटीक मोहल्ला के रहने वाले लखन जोशी से प्रेम विवाह किया था। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी और पिता के पास बेशकीमती कृषि भूमि मौजूद है। इसी जमीन को अपने नाम कराने को लेकर पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी कलह के चलते मुख्य आरोपी लखन जोशी द्वारा कुछ समय पहले अपनी सास के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी, जिसके चलते उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हुआ था और उसे जेल भेज दिया गया था।

जानकारी के अनुसार दो दिन पहले ही वह जेल से रिहा होकर बाहर आया था और बाहर आते ही लखन ने अपने साथी के साथ मिलकर ज्योति को मौत के घाट उतार दिया।  बहरहाल इस खूनी वारदात ने जहां पूरे शहर को दहला कर रख दिया है, वहीं सबसे बड़ा वज्रपात उन दो अबोध मासूमों पर हुआ है, जिनकी दुनिया एक ही झटके में पूरी तरह उजड़ गई। मां ज्योति की बेरहमी से हत्या हो चुकी है और पिता लखन जोशी सलाखों के पीछे पहुंच चुका है। दोनों नन्हे बच्चों को शायद इस बात का अंदाजा भी नहीं है कि जिस कमरे में वे बेखबर सो रहे थे, उसकी चौखट के बाहर उनके अपनों के ही गुनाहों ने उनका भविष्य हमेशा के लिए अंधकार में धकेल दिया गया है। रिश्तों की रंजिश और पुश्तैनी जमीन के लालच ने एक हंसते-खेलते परिवार को इस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहां अब ये दोनों मासूम बेसहारा होकर लगभग अनाथ हो चुके हैं।

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