आयुष्मान योजना में VERY HIGH RISK श्रेणी के 17 अस्पतालों की जांच, राज्य स्तरीय जांच दल ने की कार्रवाई

Edited By Vandana Khosla, Updated: 01 Oct, 2026 11:59 AM

investigation conducted into 17 hospitals in the  very high risk  category

रायपुर (पुष्पेंद्र सिंह): राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA), नई दिल्ली द्वारा आयुष्मान योजना के अंतर्गत VERY HIGH RISK स्कोर वाले 17 अस्पतालों को चिन्हांकित किए जाने के बाद संचालनालय, स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ द्वारा गठित राज्य स्तरीय जांच दल ने...

रायपुर (पुष्पेंद्र सिंह): राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA), नई दिल्ली द्वारा आयुष्मान योजना के अंतर्गत VERY HIGH RISK स्कोर वाले 17 अस्पतालों को चिन्हांकित किए जाने के बाद संचालनालय, स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ द्वारा गठित राज्य स्तरीय जांच दल ने आज संबंधित अस्पतालों का निरीक्षण कर आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।

जांच के दायरे में रायपुर के 7, बिलासपुर के 3, दुर्ग के 2 तथा सरगुजा, बस्तर, कबीरधाम, कोंडागांव और कोरबा के एक-एक अस्पताल शामिल हैं। जांच के दौरान संबंधित अस्पतालों से आयुष्मान योजना के अंतर्गत मरीजों को उपलब्ध कराए गए उपचार से संबंधित दस्तावेज प्राप्त किए गए हैं। इन दस्तावेजों का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा तथा जांच में प्राप्त तथ्यों एवं निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जांच के दायरे में आए अस्पताल

* SCH Hospital — बस्तर
* Ashok Prasuti Mandir — बिलासपुर
* Care N Cure Multi-speciality Hospital — बिलासपुर
* Mehta Children Nursing Home — बिलासपुर
* Shri Shankaracharya Institute of Medical Science — दुर्ग
* Pulse Hospital — दुर्ग
* Jai Jagannath Healthcare — कबीरधाम
* Netam Hospital & Infertility Centre — कोंडागांव
* Hari Krishna Care Hospital — कोरबा
* SRIMSR Shri Rawatpura Sarkar Hospital — रायपुर
* Shri Anant Sai Hospital — रायपुर
* Shri Mahaveer Hospital — रायपुर
* Shriniwas Hospital — रायपुर
* SK Care Hospital — रायपुर
* Vision Centre Eye Hospital — रायपुर
* DHT Care Hospital — सरगुजा
* Vardaan Hospital — रायपुर

दो अस्पतालों पर De-empanelment की कार्रवाई

राज्य स्तरीय जांच दल की अनुशंसा के आधार पर 28 एवं 29 सितंबर 2026 को रायपुर स्थित Medilife Hospital एवं Lotus Hospital के विरुद्ध आयुष्मान योजना से De-empanelment की कार्रवाई भी की गई है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा सतत निगरानी

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देशानुसार, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा आयुष्मान योजना के अंतर्गत अस्पतालों में उपचार तथा दावों की प्रक्रिया की सतत जांच एवं निगरानी की जा रही है। इसका उद्देश्य आयुष्मान योजना के पात्र हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं नियमानुसार स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को और मजबूत करना है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!