क्या साजिश के शिकार हो रहे हैं मालवीय? पहले यौन शोषण के आरोप, अब जमीन घोटाला! सोशल मीडिया पर यूं जाहिर किए जज़्बात

Edited By Vandana Khosla, Updated: 19 May, 2026 02:48 PM

is malviya becoming the victim of a conspiracy first

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर क्षेत्र की जमीन को लेकर उठा विवाद अब केवल एक संपत्ति विवाद नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें सवाल उठाया जा रहा है कि...

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर क्षेत्र की जमीन को लेकर उठा विवाद अब केवल एक संपत्ति विवाद नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें सवाल उठाया जा रहा है कि क्या भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय किसी साजिश के शिकार हो रहे हैं।

सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज जमीन को निजी बताकर सौदा किए जाने के आरोप सामने आने के बाद मामला लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू और हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। आरोप है कि लगभग 45 हजार वर्गफीट भूमि, जो महाकाल मंदिर की पार्किंग के रूप में उपयोग में थी, उसे निजी संपत्ति बताकर एक बड़ी कंपनी को बेचा गया। यह सौदा करीब 3.82 करोड़ रुपये में 2026 में हुआ बताया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

शिकायत के अनुसार, खसरा नंबर 3664/1 और 3666/1 की जमीन पहले सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज थी। बाद में इसे निजी दिखाकर रजिस्ट्री कर दी गई। इसी जमीन पर अब फाइव स्टार होटल बनाने की तैयारी की बात सामने आ रही है। इसके बाद कांग्रेस पार्षद द्वारा मुख्य सचिव, लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज कर जांच की मांग की गई है। साथ ही इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गई है।

राजस्व नुकसान का आरोप

शिकायत में दावा किया गया है कि जमीन का वास्तविक बाजार मूल्य करीब 31 करोड़ रुपये से अधिक था, लेकिन रजिस्ट्री कम कीमत पर की गई। इससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का आरोप लगाया गया है।

प्रशासन और मंदिर समिति का पक्ष

महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन का कहना है कि संबंधित क्षेत्र नगर निगम की पार्किंग के रूप में उपयोग में है। जमीन के वास्तविक उपयोग और रिकॉर्ड की जांच नगर निगम स्तर पर की जा सकती है।

विधायक का जवाब

भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि जमीन की रजिस्ट्री पूरी तरह वैध दस्तावेजों के आधार पर की गई है और सभी स्टांप शुल्क नियम अनुसार जमा किए गए हैं। उन्होंने आरोपों को राजनीतिक और द्वेषपूर्ण बताया है।

क्या यह साजिश या कानूनी विवाद?

इस मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। एक ओर शिकायतकर्ता इसे बड़ा जमीन घोटाला बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विधायक इसे साजिश करार दे रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या यह वाकई गड़बड़ी का मामला है या फिर एक राजनीतिक साजिश? फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और प्रशासनिक स्तर पर इसकी पड़ताल जारी रहने की संभावना है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!