Edited By Vandana Khosla, Updated: 09 Jul, 2026 10:46 AM

रायपुर (पुष्पेंद्र सिंह): छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन घोटालों के आरोपी तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने लगभग तीन साल तक फरार रहने के बाद बुधवार को रायपुर स्थित EOW (आर्थिक...
रायपुर (पुष्पेंद्र सिंह): छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन घोटालों के आरोपी तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने लगभग तीन साल तक फरार रहने के बाद बुधवार को रायपुर स्थित EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण) शाखा कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार रामगोपाल अग्रवाल पर राजीव भवन में कथित तौर पर घोटाले की राशि मंगवाने का आरोप है। वह लंबे समय से जांच एजेंसियों की पहुंच से बाहर बताए जा रहे थे।
इस बीच EOW ने उनके बेटे वैभव अग्रवाल से भी कई घंटों तक पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने फरार रहने के दौरान रामगोपाल अग्रवाल के पिछले तीन साल के ठिकानों, आर्थिक लेन-देन तथा कथित नेटवर्क से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल किए। EOW ने पूछताछ को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है और एजेंसी का कहना है कि जांच जारी है तथा तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।साढ़े तीन हजार करोड़ से ज्यादा के घोटाले में शामिल होने का आरोप
रामगोपाल अग्रवाल का नाम करीब तीन हजार करोड़ रुपए के कथित शराब घोटाले, 450 करोड़ रुपए के कोल लेवी वसूली मामले तथा 127 करोड़ रुपए के कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन घोटाले की जांच में सामने आया है। जांच एजेंसियां इन मामलों में कथित धन के प्रवाह, लाभार्थियों और कमीशन के नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।तीन साल से फरार थे रामगोपाल अग्रवाल
सूत्रों के अनुसार रामगोपाल अग्रवाल पिछले लगभग तीन वर्षों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए थे। इस दौरान उनके देश और विदेश में होने की चर्चाएं भी सामने आती रहीं। जांच एजेंसियां उनके स्थान और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। इससे पहले इन मामलों में कांग्रेस से जुड़े कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है।