कर्नाटक, गोवा के बाद MP में सरकार गिरने का खतरा, CM ने 11 दिन में तीसरी बार बुलाई विधायकों की बैठक

Edited By meena, Updated: 15 Jul, 2019 11:44 AM

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कमलनाथ सरकार को सता रही सरकार गिराने की चिंता। बीतें दिनों कर्नाटक में सत्तारूढ़ जेडीएस और कांग्रेस गठबंधन के एक दर्जन से अधिक विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। जिसकी वजह से गठबंधन की सरकार पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं कमलनाथ सरकार पर बीजेपी द्रारा हो...

भोपाल: कर्नाटक और गोवा संकट के बाद कमलनाथ सरकार मध्य प्रदेश में सतर्क होती दिख रही है। बीतें दिनों कर्नाटक में सत्तारूढ़ जेडीएस और कांग्रेस गठबंधन के एक दर्जन से अधिक विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। जिसकी वजह से गठबंधन की सरकार पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं कमलनाथ सरकार पर बीजेपी द्रारा हो रही बयानबाजी पर कमलनाथ सरकार भी सतर्क हो गई है। कमलनाथ सरकार की सतर्कता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 11 दिन में विधायकों की यह तीसरी बैठक होने वाली है।

बीजेपी कभी भी वोटिंग की मांग करने का 'गेम प्लान' कर सकती है:
कमलनाथ सरकार को इस बात की डर है कि इस सत्र में बजट पेश होने के बाद भाजपा वित्तीय मामलों सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर कभी भी वोटिंग की मांग करने का गेम प्लान कर सकती है। वहीं, 15 साल बाद मध्य प्रदेश की सत्ता में लौटी कांग्रेस सरकार कर्नाटक संकट के बाद से खौफजदा है। इसलिए सीएम कमलनाथ ने अपनी पार्टी सहित बसपा, सपा व निर्दलीय विधायकों को मध्य प्रदेश विधानसभा के मौजूदा सत्र में मौजूद रहने की बात कही थी। सीएम ने आदेश देते हुए कहा था कि सभी विधायक सदन की कार्यवाही के दौरान हमेशा मौजूद रहें, ताकि बेवजह सरकार संकट में न आए।

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीटे हैं। कांग्रेस के पास 114, बीजेपी के पास 108, 1 सपा, 2 बसपा, और 4 निर्दलीय विधायकों के कब्जे में हैं। जबकि एक सीट वर्तमान में खाली है। बहुत ही कम संख्या में बहुमत होने के कारण बीजेपी सरकार कमलनाथ सरकार को कभी गिराने की धमकी देती रहती है।
 

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