Edited By meena, Updated: 01 Apr, 2026 06:48 PM

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में 14 वर्षीय छात्रा देविका वर्मा हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। खैरागढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के भीतर इस जघन्य वारदात में शामिल दो...
खैरागढ़ (श्रेयांश सिंह) : खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में 14 वर्षीय छात्रा देविका वर्मा हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। खैरागढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के भीतर इस जघन्य वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी मोहन वर्मा (27 वर्ष), निवासी चिचोला, ने नाबालिग छात्रा को प्रेम जाल में फंसाया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में पीड़िता द्वारा साथ रखने का दबाव बनाए जाने पर आरोपी ने अपने साथी हरीश वर्मा (31 वर्ष), निवासी अछोली, और एक नाबालिग के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
रेसेप्शन से अपहरण, फिर हत्या की साजिश
घटना 28 मार्च की रात की है, जब पीड़िता अपने नाना के गांव पिपरिया में मामा के शादी समारोह में शामिल होने गई थी। रात करीब 11:30 बजे वह बिना किसी को बताए वहां से लापता हो गई। परिजनों ने 29 मार्च को खैरागढ़ थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले से योजना बनाकर मोटरसाइकिल से पिपरिया पहुंचे और नाबालिग का अपहरण कर लिया। सबूत मिटाने के लिए रास्ते में उसके कपड़े बदलवाए और मोबाइल फोन तोड़कर फेंक दिए।
ट्रेन में वारदात बिलासपुर के पास दिया धक्का
आरोपियों ने पीड़िता को डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन लाकर बिलासपुर का टिकट लिया और वेनगंगा एक्सप्रेस में सवार हुए। ट्रेन में सीट नहीं मिलने पर सभी दरवाजे के पास बैठे थे। बिलासपुर पहुंचने के बाद जब पीड़िता उतरने लगी तो आरोपियों ने उसे बहला-फुसलाकर आगे ले गए।
इसी दौरान प्रेम प्रसंग को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद तीनों आरोपियों ने मिलकर जयरामनगर स्टेशन के आगे, मस्तूरी थाना क्षेत्र में, चलती ट्रेन से उसे धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्य से खुला राज
घटना के बाद आरोपी अकलतरा स्टेशन पर उतरकर वापस डोंगरगढ़ लौट आए और रास्ते में पीड़िता के कपड़े जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की। डोंगरगढ़, अकलतरा और खैरागढ़ के सीसीटीवी कैमरों में आरोपियों की गतिविधियां कैद मिलीं।
जप्त सामग्री और गिरफ्तारी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। दोनों आरोपियों को 1 अप्रैल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं, विधि से संघर्षरत बालक को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।
संयुक्त कार्रवाई से मिली सफलता
इस पूरे मामले के खुलासे में थाना खैरागढ़, साइबर सेल खैरागढ़ और मस्तूरी (बिलासपुर) पुलिस की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की गहन जांच की गई है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।