Edited By Himansh sharma, Updated: 23 Mar, 2026 06:55 PM

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में 15 हिरणों की संदिग्ध मौत के बाद वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में 15 हिरणों की संदिग्ध मौत के बाद वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। इस गंभीर मामले में सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो आईएफएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है।
जारी आदेश के मुताबिक,
प्रभाकर खलखो (2014 बैच) को सरगुजा से हटाकर कोरिया में वन उप संरक्षक (प्रादेशिक) बनाया गया है। वहीं चन्द्रशेखर शंकर सिंह परदेशी (2020 बैच) को कोरिया से सरगुजा में प्रभारी वन संरक्षक (कार्य योजना मंडल) की जिम्मेदारी दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
21 मार्च को सरगुजा वनमंडल के संजय वन वाटिका में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 4-5 आवारा कुत्ते बाड़े में घुस गए और हिरणों पर हमला कर दिया, जिसमें 15 हिरणों की मौत हो गई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वाटिका प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश की। 14 हिरणों के शवों को जंगल में ले जाकर चुपचाप जला दिया गया।
जांच में खुलासा
मामले की भनक लगते ही डीएफओ अभिषेक जोगावत मौके पर पहुंचे। मौके पर एक हिरण का शव मिला, जबकि बाकी शवों को जलाने के सबूत भी सामने आए। इसके बाद तुरंत एसडीओ के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई।
बड़ा सवाल
आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई?
क्या जिम्मेदारों पर और बड़ी कार्रवाई होगी?
वन्यजीव सुरक्षा पर उठ रहे सवालों का जवाब कौन देगा?
निष्कर्ष:
हिरणों की मौत ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार का यह ट्रांसफर एक्शन भले ही शुरुआती कदम हो, लेकिन अब सबकी नजर आगे की सख्त कार्रवाई पर टिकी है।