Edited By Desh Raj, Updated: 22 Mar, 2026 03:48 PM

संजय पार्क में हिरण की मौत मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। 4 अधिकारियों और कर्मचारियों पर निलंबन की गाज गिरी है। डिप्टी रेंजर अशोक कुमार सिन्हा, वनपाल ममता पोर्ते, वनपाल प्रतिमा लकड़ा, बीट गार्ड फुलमनी सिंह पर कड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया...
अंबिकापुर (सोनू केदार): संजय पार्क में हिरण की मौत मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। 4 अधिकारियों और कर्मचारियों पर निलंबन की गाज गिरी है। डिप्टी रेंजर अशोक कुमार सिन्हा, वनपाल ममता पोर्ते, वनपाल प्रतिमा लकड़ा, बीट गार्ड फुलमनी सिंह पर कड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया गया है।


रेंजर अक्षपलक ऋषि को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनको 5 दिनों के भीतर उचित जवाब देना होगा। मुख्य वन संरक्षक ने ये बड़ी कार्रवाई की है। आपको बता दें कि संजय पार्क में कुत्तों के काटने से 15 हिरणो की मौत हुई है। मामले को दबाने के लिए संजय पार्क प्रबंधन और वन विभाग के कर्मचारियों ने 14 हिरणो के शव को पार्क के पीछे जंगल जलाया था और पर्दा डालने की कोशिश की थी।
क्या था मामला
जानकारी के अनुसार, संजय पार्क परिसर में बनाए गए बाड़े (घेरे) में हिरण, कोटरी और बारहसिंगा रखे गए थे। मामला शुक्रवार की रात का है जब बाड़े का गेट खुला रह गया और 4 से 5 आवारा कुत्ते बाड़े के अंदर घुस गए । कुत्तों ने हिरणों पर हमला कर दिया और इस हमले में 14 हिरणों की मौत हो गई। एक हिरण घायल अवस्था में था, जिसका उपचार किया जा रहा था, लेकिन उसकी भी मौत हो गई।
घटना के बाद फैली थी सनसनी
इस मामले के सामने आने से हड़कंप मच गया था। घटना ने वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे । पंद्रह हिरणों के मौत से सनसनी फैल गई थी। वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक, सरगुजा वनवृत्त, अंबिकापुर ने मामले में सख्त कार्रवाई की है। चार अधिकारी- कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि संबंधित रेंजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मामले में साबित हुआ है कि हादसा पार्क प्रबंधन और वन विभाग की लापरवाही से हुआ है। घटना के बाद मामले को दबाने की भी कोशिश की गई और शवों को संजय पार्क के पीछे जंगल में चुपचाप जला दिया गया। लिहाजा अब मामले में बड़ा एक्शन हुआ है।