Edited By meena, Updated: 20 Mar, 2026 06:56 PM

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक बार फिर एंटी करप्शन कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। इस बार कार्रवाई का दायरा पुलिस या प्रशासनिक विभाग तक सीमित न रहकर बिजली विभाग तक पहुंच गया है....
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक बार फिर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। इस बार कार्रवाई का दायरा पुलिस या प्रशासनिक विभाग तक सीमित न रहकर बिजली विभाग तक पहुंच गया है। जानकारी के मुताबिक, एंटी करप्शन ब्यूरो ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के तीन कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राजेंद्र शुक्ला, एसई विजय नोरगे और सहायक ग्रेड-1 देवेंद्र राठौर शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि ये कर्मचारी ट्रांसफार्मर और मीटर लगाने के नाम पर एक उपभोक्ता से 35 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। पीड़ित ने इसकी शिकायत एसीबी से की, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही आरोपियों ने रिश्वत की रकम ली, उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया गया।
इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति है। एसीबी अब मामले की आगे जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इस तरह की वसूली का कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं चल रहा था। यह घटना एक बार फिर सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े करती है और यह भी दिखाती है कि शिकायत करने पर कार्रवाई संभव है।
इसके अलावा नवागढ़ नगर पंचायत के लेखापाल को एसीबी इकाई बिलासपुर ने 8 हजार रुपये रिश्वत लेते रगें हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि लेखापाल कई दिनों से रिश्वत का दवाब बना रहा था जिससे परेशान होकर नवागढ़ निवासी ने शिकायत की थी। डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह के मुताबिक, नवागढ़ निवासी अब्दुल वहाब द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत प्राप्त हुई थी। उन्होंने बताया था कि उसके फर्म द्वारा नगर पंचायत नवागढ़ क्षेत्र में वित्त वर्ष 2024-25 में अधोसंरचना से संबंधित कार्य और मुरम्मत कार्य किए थे, जिसकी बिल राशि करीब 203000 रुपए का चेक जारी कराने के एवज में लेखापाल 16000 रुपए रिश्वत मांग रहा था। वह 6000 रुपए उसे दे चुका है फिर भी उस पर 10000 रुपए की और मांग की जा रही है, जो वह उसे उक्त कार्य के लिए 10000 रुपए रिश्वत नहीं देना चाहता बल्कि उसे रंगे हाथ पकड़वाना चाहता है।