LPG बुकिंग के बदले नियम! संकट के बीच जानें कैसे मिलेगा सिलेंडर! इन बातों का रखना होगा ध्यान

Edited By meena, Updated: 13 Mar, 2026 08:46 PM

lpg booking rules changed amidst the crisis find out how to get a cylinder

प्रदेश भर में कई जिलों में रसोई गैस सिलेंडर को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। गैस टंकी की बुकिंग अवधि और सीमित सिलेंडर की व्यवस्था के कारण कई परिवारों को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है...

भोपाल : प्रदेश भर में कई जिलों में रसोई गैस सिलेंडर को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। गैस टंकी की बुकिंग अवधि और सीमित सिलेंडर की व्यवस्था के कारण कई परिवारों को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि एक सिलेंडर खत्म होने के बाद नया सिलेंडर बुक कराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। जिससे रसोई का बजट और व्यवस्था दोनों प्रभावित हो रहे हैं। इन समस्याओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में आंशिक बदलाव किया है। साथ ही ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की बुकिंग और सब्सिडी भी अस्थायी रूप से रोक दी गई है।

जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए 45 दिन की अवधि निर्धारित की गई है। जबकि शहरी क्षेत्रों में यह अवधि 25 दिन है। यानी उपभोक्ता एक सिलेंडर लेने के बाद तय समय पूरा होने पर ही अगला सिलेंडर बुक करा सकते हैं। इससे उन परिवारों को ज्यादा परेशानी हो रही है जहां सदस्य अधिक हैं और गैस की खपत भी ज्यादा होती है।

ई-KYC नहीं तो Booking और सब्सिडी बंद

केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग व्यवस्था में कुछ बदलाव किए हैं। नए नियमों के अनुसार अब शहरी क्षेत्रों में 25 दिन बाद और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद ही गैस सिलेंडर की नई बुकिंग की जा सकेगी। बुकिंग करने के दो से तीन दिन के भीतर गैस की आपूर्ति कर दी जाएगी। इसके लिए गैस कंपनियों के सॉफ्टवेयर में भी जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, उनकी गैस बुकिंग बंद कर दी गई है और सब्सिडी भी रोक दी गई है। हालांकि ई-केवाईसी की प्रक्रिया अभी भी जारी है। जो उपभोक्ता ई-केवाईसी करा लेंगे, वे पहले की तरह गैस सिलेंडर बुक कर सकेंगे।

इसके अलावा घरेलू गैस उपभोक्ताओं को साल भर में अधिकतम 12 सिलेंडर ही मिलते हैं। कई परिवारों का कहना है कि महीने में एक सिलेंडर से काम चलाना मुश्किल होता है। खासकर शादी-समारोह या मेहमानों के आने पर गैस की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में उन्हें मजबूरन लकड़ी या देशी गैस चूल्हे अन्य विकल्पों का सहारा लेना पड़ता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में समस्या और भी गंभीर बताई जा रही है। कई गांवों में गैस एजेंसी की दूरी अधिक होने के कारण सिलेंडर की आपूर्ति समय पर नहीं हो पाती। उपभोक्ताओं का कहना है कि कई बार बुकिंग के बाद भी सिलेंडर आने में कई दिन लग जाते हैं। इससे घर की रसोई व्यवस्था प्रभावित होती है और लोगों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है।

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