Edited By meena, Updated: 22 Apr, 2026 03:19 PM

सोनगिरी-फतेहगढ़, जो मंदसौर से करीब 10 किलोमीटर आगे दलोदा रोड पर स्थित है, यहां आयोजित यह उर्स धार्मिक एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनकर सामने आया। मालवा अंचल के प्रसिद्ध...
मंदसौर (शाहरुख मिर्जा) : सोनगिरी-फतेहगढ़, जो मंदसौर से करीब 10 किलोमीटर आगे दलोदा रोड पर स्थित है, यहां आयोजित यह उर्स धार्मिक एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनकर सामने आया। मालवा अंचल के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सोनगिरी सरकार में आयोजित 12 वें उर्स के अवसर पर रतलाम के महाराजा रामलक्ष्मणसिंह साहब ने सोनगिरी सरकार पहुंचकर दर्शन किए और चादर पेश कर क्षेत्र में अमन-चैन और खुशहाली की कामना की।
इस मौके पर हिन्दू-मुस्लिम सहित सर्व धर्म समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर शिरकत की और आपसी भाईचारे व एकता का संदेश दिया। उर्स के दौरान दरगाह परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां सभी समुदायों के लोग एक साथ इबादत और दुआ में शामिल हुए।

आयोजन ने सामाजिक समरसता और धार्मिक सौहार्द की मिसाल पेश की, जिसमें दूर-दराज से आए अकीदतमंदों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। दरगाह परिसर को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया गया था, जहां सूफी परंपरा और भाईचारे की खूबसूरत झलक देखने को मिली। आयोजन में मंदसौर, और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उर्स का यह आयोजन हर साल की तरह इस बार भी शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुआ। हम सभी श्रद्धालुओं का दिल से आभार व्यक्त करते हैं।”