Edited By Vandana Khosla, Updated: 11 Jun, 2026 04:32 PM

CG desk: छत्तीसगढ़ राज्य में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस अपनी-अपनी पार्टी को मजबूत करने में जुटी है। दोनों पार्टियों में राजनीतिक मंथन लगातार जारी है। इसी बीच राज्य के बस्तर में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। करीब 450 से अधिक ग्रामीण बीजेपी को छोड़कर...
CG desk: छत्तीसगढ़ राज्य में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस अपनी-अपनी पार्टी को मजबूत करने में जुटी है। दोनों पार्टियों में राजनीतिक मंथन लगातार जारी है। इसी बीच राज्य के बस्तर में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। करीब 450 से अधिक ग्रामीण बीजेपी को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए है।
जानकारी के अनुसार, दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत फूलपाड़ में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। यहां लगभग 450 से अधिक ग्रामीणों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है। सभी ने एक साथ पार्टी का छोड़ने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने विकास कार्यों की कथित उपेक्षा और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से नाराज होकर यह कदम उठाया है। इस सामूहिक दल-बदल को क्षेत्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में ग्रहण की सदस्यता
वहीं, कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में सैंकड़ों ग्रामीणों ने सदस्यता ग्रहण की। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के संयुक्त महामंत्री छविंद्र कर्मा, पीसीसी सदस्य एवं पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अवधेश गौतम, आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष शंकर कुंजाम और आदिवासी कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष देव सिंह ताती मौजूद रहे।
इस मौके पर नेताओं ने सदस्यता ग्रहण करने वाले ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं को कांग्रेस का आधिकारिक गमछा पहनाकर पार्टी में स्वागत किया। नेताओं लोगों को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस उनके साथ हमेशा खड़ी है। कहा कि पार्टी आम जनता, किसानों, मजदूरों और आदिवासी समुदाय के हितों के लिए हमेशा आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाएगी।
एक साथ 450 से अधिक ग्रामीणों का कांग्रेस में शामिल होना पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस घटना ने बस्तर की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। आगामी समय में इसका असर स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों और संगठनात्मक रणनीतियों पर भी देखने को मिल सकता है।