MP Politics: 40 साल बाद बदला सियासी दौर, कांग्रेस में नई पीढ़ी की एंट्री; BJP में भी उभर रहे नए चेहरे

Edited By Himansh sharma, Updated: 06 Mar, 2026 12:32 PM

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मध्य प्रदेश की राजनीति में अब नई पीढ़ी का दौर तेजी से दिखाई देने लगा है।

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में अब नई पीढ़ी का दौर तेजी से दिखाई देने लगा है। लंबे समय तक वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में चलने वाली दोनों प्रमुख पार्टियों—Indian National Congress और Bharatiya Janata Party—में अब युवा नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान के बाद प्रदेश स्तर पर नेतृत्व में बड़ा बदलाव करते हुए नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई है, वहीं भाजपा में भी नए चेहरे प्रभावी होते नजर आ रहे हैं।

कांग्रेस में नई पीढ़ी को नेतृत्व

2023 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए वरिष्ठ नेता Kamal Nath को प्रदेश नेतृत्व से हटाकर युवा नेता Jitu Patwari को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया।साथ ही आदिवासी नेता Umang Singhar को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। अब पटवारी और सिंघार की जोड़ी प्रदेश में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और पार्टी को फिर से खड़ा करने के प्रयास में जुटी हुई है।

संगठन सृजन अभियान में उम्र सीमा तय

कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान के दौरान पदाधिकारियों के लिए 50 वर्ष से कम उम्र की सीमा तय की। इसके तहत ब्लॉक, जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर करीब आधे पदों पर 50 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को मौका दिया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार किसी भी व्यक्ति को एक पद पर पांच वर्ष से अधिक नहीं रखा जाएगा, ताकि संगठन में लगातार नए नेताओं को अवसर मिलते रहें।

पटवारी–सिंघार बने नई रणनीति का चेहरा

कांग्रेस की इस रणनीति का असर प्रदेश नेतृत्व में साफ दिखाई देता है। Jitu Patwari और Umang Singhar को लगभग 50 वर्ष की उम्र में ही बड़ी जिम्मेदारी दी गई थी। पार्टी इसे युवा नेतृत्व को आगे लाने की शुरुआत मान रही है।

भाजपा में भी उभर रहे नए चेहरे

मध्य प्रदेश में Bharatiya Janata Party में भी नेतृत्व परिवर्तन की झलक दिखाई दे रही है। प्रदेश में मुख्यमंत्री के रूप में Mohan Yadav और प्रदेश अध्यक्ष के रूप में Hemant Khandelwal को नई पीढ़ी के नेताओं में माना जा रहा है। भाजपा में यह बदलाव अपेक्षाकृत सहज तरीके से स्वीकार किया गया, जबकि कांग्रेस में शुरुआत में कुछ हिचक देखने को मिली थी।

भाजपा की पुरानी पीढ़ी का लंबा दौर

दरअसल, 1985-90 के दौर में भाजपा के नेतृत्व ने जिन नेताओं को आगे बढ़ाया था, वे लंबे समय तक प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे। इनमें Shivraj Singh Chouhan, Kailash Vijayvargiya, Narendra Singh Tomar, Prahlad Patel, Narottam Mishra और Jayant Malaiya जैसे नेता शामिल रहे। वर्ष 2023 में करीब तीन दशक बाद भाजपा ने नया चेहरा सामने लाते हुए Mohan Yadav को मुख्यमंत्री बनाया।

सियासी संकेत:

मध्य प्रदेश में अब राजनीति धीरे-धीरे पुरानी पीढ़ी से नई पीढ़ी की ओर बढ़ती हुई नजर आ रही है। आने वाले वर्षों में दोनों ही दलों में युवा नेतृत्व की भूमिका और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

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