Edited By Desh Raj, Updated: 01 Mar, 2026 02:53 PM

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले से बीजेपी के बीच बगावत होती नजर आ रही है। यहां पर भाजपा के पार्षदों अपनी ही परिषद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।आपको बता दें कि नर्मदापुरम नगर में भाजपा की अपनी परिषद है, लेकिन भाजपा पार्षदों को इनके निर्णय सुहा नहीं...
(नर्मदापुरम): मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले से बीजेपी के बीच बगावत होती नजर आ रही है। यहां पर भाजपा के पार्षदों अपनी ही परिषद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।आपको बता दें कि नर्मदापुरम नगर में भाजपा की अपनी परिषद है, लेकिन भाजपा पार्षदों को इनके निर्णय सुहा नहीं रहे हैं । पार्षदों ने अपनी ही परिषद पर मनमानी के फैसले लेने का आरोप लगाते हुए हल्ला बोल दिया है।
दरअसल नर्मदापुरम नगर के मकानों में बारकोड लगाने को लेकर बवाल हो गया है। भाजपा पार्षद खिलाफ खड़े हो गए हैं। उन्होंने हल्ला करते हुए कहा है कि निजी कंपनी द्वारा किए जा इस कार्य में आम जनता से अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं। पार्षदों ने तो यहां तक आरोप मढ़ दिए हैं कि बार कोड लगाने, टेंडर निकालने से लेकर दूसरी प्रक्रिया की जानकारी तक उन्हें नहीं दी गई। पार्षदों में इतना आक्रोश है कि उन्होंने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए नपा सीएमओ को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। नपा उपाध्यक्ष अभय वर्मा के साथ ही कई पार्षदों ने अवैध वसूली को लेकर नपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
बिना जानकारी और बगैर कोई बैठक किए काम शुरु करने का आरोप
नगर पालिका उपाध्यक्ष और पार्षदों का आरोप है कि इस प्रक्रिया की न तो कोई जानकारी परिषद को दी गई और ना ही इस मुद्दे को लेकर कोई बैठक की गई। पार्षदो ने नगर पालिका प्रशासन को लिखे पत्र में पूछा है कि यह कार्य किस सरकारी आदेश या प्रस्ताव के तहत शुरू किया गया। काम को मंजूरी कब मिली। निजी कंपनी का चुनाव किस प्रक्रिया के तहत किया गया। इस तरह से पार्षदों ने सवाल पूछकर स्पष्टीकरण मांगा है। पार्षदों ने मांग की है कि जब तक इस योजना की पूरी जानकारी स्पष्ट नहीं होती, तब तक बारकोड लगाने और वसूली के काम को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।
वहीं दूसरी ओर नगर पालिका अध्यक्ष नीतू यादव का कहना है कि जहां बारकोड लगा रहे हैं, वहां पहले संबंधित वार्ड के पार्षदों से संपर्क किया जा रहा है, फिलहाल अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। लिहाजा भाजपा पार्षदों के इस तरह से अपनी ही परिषद के खिलाफ मोर्चा खोल देने से सियासत गरमाने के आसार हैं। बार कोड लगाने का विरोध पहले लोग कर रहे थे लेकिन अब भाजपा पार्षदों ने भी हल्ला बोल दिया है।