Edited By Vandana Khosla, Updated: 08 Sep, 2026 01:48 PM

रायपुरः छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष पद के दो प्रमुख दावेदार सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे के नामांकन चुनाव कमेटी ने होल्ड कर दिए हैं। दोनों के खिलाफ पैसे देकर सदस्य बनाने की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई है...
रायपुरः छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष पद के दो प्रमुख दावेदार सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे के नामांकन चुनाव कमेटी ने होल्ड कर दिए हैं। दोनों के खिलाफ पैसे देकर सदस्य बनाने की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई है और उनसे मंगलवार शाम 7 बजे तक लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। चुनाव कमेटी की ओर से दोनों उम्मीदवारों को जारी नोटिस में निजी एजेंसी के जरिए सदस्यों की सदस्यता कराने का आरोप लगाया गया है। कमेटी ने इसे चुनाव आचार संहिता के प्रावधानों के खिलाफ मानते हुए पूछा है कि इस संबंध में उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।
नोटिस के मुताबिक निर्धारित समय तक जवाब नहीं मिलने पर यह माना जाएगा कि संबंधित उम्मीदवार को कोई आपत्ति अथवा स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करना है। इसके बाद चुनाव कमेटी नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल दोनों की उम्मीदवारी पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और उनके जवाब के आधार पर आगे फैसला लिया जाएगा। इस बीच शिकायत और नोटिस जारी होने के बाद सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे के नाम चुनाव से जुड़े ऐप से भी हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रदेश अध्यक्ष पद के दो प्रमुख दावेदारों पर हुई इस कार्रवाई के बाद संगठन में चुनाव प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस चुनाव को लेकर इससे पहले भी कार्यकर्ताओं की ओर से चुनाव प्रक्रिया, नियमों और कथित अनियमितताओं को लेकर शिकायतें की गई थीं।
शिकायतों के मद्देनजर राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रदेश प्रभारी स्मृति रंजन लेंका और चुनाव पदाधिकारियों को छत्तीसगढ़ भेजा था। 17 से 19 अगस्त तक चले दौरे में उन्होंने प्रभावित कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उनकी शिकायतें और आपत्तियां सुनी थीं। इसी बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी चुनाव व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। बैज ने 18 अगस्त को भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को पत्र लिखकर एक जिला-एक विधानसभा वाले जिलों में विधानसभा अध्यक्ष पद का चुनाव फिलहाल नहीं कराने की मांग की थी।
बैज ने पत्र में कहा था कि छत्तीसगढ़ में कुछ संगठनात्मक जिले ऐसे हैं, जहां एक जिला और एक ही विधानसभा क्षेत्र है। इनमें बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, दुर्ग और राजनांदगांव समेत कई जिले शामिल हैं। उनका कहना था कि ऐसे जिलों में जिला अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष के अलग-अलग चुनाव से संगठन में समन्वय की समस्या पैदा हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा था कि जिन जिलों में 2 या 3 से अधिक विधानसभा क्षेत्र हैं, वहां जिला अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष की नियुक्ति पहले की तरह की जा सकती है।
प्रदेश कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में 41 जिला/शहर कांग्रेस कमेटियां और 307 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियां हैं। बैज ने एक जिला और एक विधानसभा वाले क्षेत्रों में दोनों पदों के अलग-अलग चुनाव से संगठनात्मक टकराव की आशंका जताई थी। अब सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे की उम्मीदवारी का भविष्य चुनाव कमेटी के अगले निर्णय पर निर्भर है। दोनों को 8 सितंबर शाम 7 बजे तक अपना पक्ष रखना है, जिसके बाद कमेटी तय करेगी कि उनके खिलाफ आगे कोई कार्रवाई की जाए या उन्हें चुनावी प्रक्रिया में बने रहने दिया जाए।