डोंगरगढ़ में खुलेआम शराब की बिक्री का वीडियो वायरल! अवैध शराब के नेटवर्क की खुली पोल, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

Edited By meena, Updated: 14 Apr, 2026 09:09 PM

of open sale of liquor in dongargarh goes viral

डोंगरगढ़ में अवैध शराब का कारोबार एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार मामला सिर्फ बिक्री का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। ताज़ा वायरल वीडियो में एक दिव्यांग

डोंगरगढ़ (हेमंत पाल) : डोंगरगढ़ में अवैध शराब का कारोबार एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार मामला सिर्फ बिक्री का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। ताज़ा वायरल वीडियो में एक दिव्यांग व्यक्ति खुलेआम शराब बेचता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति ढीमरा पारा का दशरथ है, जो लंबे समय से इस धंधे में सक्रिय है और अपनी दिव्यांगता को ढाल बनाकर बेखौफ कारोबार चला रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब सब कुछ खुलेआम हो रहा है, तो आखिर जिम्मेदार एजेंसियों की नजर इससे कैसे चूक रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की गतिविधि नहीं, बल्कि लगातार चलने वाला कारोबार है, जो बिना किसी संरक्षण के संभव नहीं लगता। डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र से इससे पहले भी अवैध शराब बिक्री के वीडियो सामने आ चुके हैं। हर बार कार्रवाई की बात कही गई, दबिश दी गई, जब्ती दिखाई गई, लेकिन कुछ समय बाद हालात फिर पहले जैसे नजर आने लगे। यही वजह है कि अब नई घटना के बाद पुरानी कार्रवाइयों की गंभीरता पर भी सवाल उठने लगे हैं। आबकारी विभाग ने भी समय-समय पर बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। अवैध शराब जब्ती, छापेमारी और प्रकरण दर्ज करने की जानकारी सामने आती रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर स्थायी नहीं दिख रहा। यह स्थिति इस बात की ओर इशारा करती है कि कार्रवाई की दिशा और गहराई दोनों पर पुनर्विचार की जरूरत है।

जिले की कमान संभालने के बाद अंकिता शर्मा ने जिस सख्ती के साथ अवैध कारोबारों पर लगाम लगाई थी, उसने शुरुआत में प्रभाव भी दिखाया। शहर में गैरकानूनी गतिविधियां लगभग थम सी गई थीं, लेकिन अब फिर से वही गतिविधियां सामने आना इस बात का संकेत है कि कहीं न कहीं निगरानी और नियंत्रण में ढील आई है या फिर नेटवर्क ने खुद को नए तरीके से स्थापित कर लिया है। पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति क्या सिर्फ एक चेहरा है, या फिर इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। अगर जांच केवल सतह तक सीमित रहती है, तो असली संचालक कभी सामने नहीं आएंगे और इसी तरह नए चेहरे सामने आते रहेंगे। डोंगरगढ़ में अवैध शराब का यह मामला अब सिर्फ कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही और कार्रवाई की प्रभावशीलता की भी परीक्षा बन चुका है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस बार कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है या वास्तव में इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश की जाती है।

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