Edited By meena, Updated: 04 Aug, 2026 06:32 PM

छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ भाजपा में इस्तीफों का दौर जारी है। हाल ही में 111 कार्यकर्ताओं और 26 नेताओं के पद छोड़ने और इस्तीफों के बाद एक फिर संगठनात्मक विवाद सामने आया है...
डोंगरगढ़ (अभिषेक नामदेव) : छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ भाजपा में इस्तीफों का दौर जारी है। हाल ही में 111 कार्यकर्ताओं और 26 नेताओं के पद छोड़ने और इस्तीफों के बाद एक फिर संगठनात्मक विवाद सामने आया है। अब डोंगरगढ़ मंडल के सह संयोजक पंकज अग्रवाल ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। खास बात यह कि यह इस्तीफा भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ की नई जिला कार्यकारिणी घोषित होने के अगले ही दिन सौंपा गया है। इस्तीफों को लेकर भाजपा में संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। हालांकि उन्होंने इसके पीछे की वजह व्यक्तिगत और व्यावसायिक बताई है। उन्होंने इस्तीफे में लिखा- कि वे व्यस्तता के चलते संगठन को अपेक्षित समय नहीं दे पा रहे हैं, लेकिन अंसतोष की खबरों के बीच इसे पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

पंकज अग्रवाल ने अपना इस्तीफा भाजपा जिलाध्यक्ष को भेजा है। जिसमें बताया कि वे भाजपा आईटी सेल में सक्रिय रूप से कार्यरत रहे हैं। लेकिन व्यक्तिगत और व्यावसायिक कारणों से अब वे संगठन को अपेक्षित समय नहीं दे पा रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने भाजपा आईटी सेल की जिम्मेदारियों के साथ साथ पार्टी के सभी पदों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं। इसके साथ ही पार्टी नेतृत्व द्वारा दिए गए अवसर, मार्गदर्शन और विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी पार्टी के प्रति सम्मान बनाए रखने की बात कही।
दरअसल, डोंगरगढ़ भाजपा में संगठनात्मक असंतोष किसी से छिपा नहीं है। हाल के दिनों में पहले 111 कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दिया, इसके बाद 26 नेताओं ने अचानक पद छोड़कर सबको चौंका दिया। इसी कड़ी में पूर्व भाजयुमो अध्यक्ष सुमित मिश्रा के इस्तीफे दिया और बाद में उसे वापस भी ले लिया। अब भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ की नई जिला कार्यकारिणी घोषित होने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि संगठन में चल रही गुटबाजी कम होगी लेकिन नई नियुक्तियों के अगले ही दिन पंकज अग्रवाल ने इस्तीफा देकर बड़ा झटका दिया है।