Edited By Vandana Khosla, Updated: 07 Aug, 2026 09:42 AM

रायपुर/डोंगरगढ़ः छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश नेतृत्व ने राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ मंडल में लंबे समय से चल रहे संगठनात्मक विवाद के बीच कड़ा कदम उठाते हुए मंडल इकाई को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। साथ ही अनुशासनात्मक...
रायपुर/डोंगरगढ़ः छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश नेतृत्व ने राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ मंडल में लंबे समय से चल रहे संगठनात्मक विवाद के बीच कड़ा कदम उठाते हुए मंडल इकाई को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। साथ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पांच कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
गुरुवार देर रात जारी आदेश के अनुसार निष्कासित किए गए कार्यकर्ताओं में प्रिंस कक्कड़, अनिल पांडेय, वीरेंद्र साहू, संतोष राव और परविंदर सिंह मोंटी शामिल हैं। इन सभी के नाम पिछले कुछ समय से डोंगरगढ़ भाजपा में चल रहे विवाद और संगठनात्मक घटनाक्रमों के संदर्भ में चर्चा में रहे हैं। भाजपा सूत्रों के अनुसार, डोंगरगढ़ मंडल का जल्द पुनर्गठन किया जाएगा। संगठन में नए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपकर अंदरूनी असंतोष को दूर करने तथा संगठन को अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
डोंगरगढ़ भाजपा में पिछले कई दिनों से गुटबाजी और असंतोष की स्थिति बनी हुई थी। इसी क्रम में पहले 111 कार्यकर्ताओं के इस्तीफे की जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद 26 नेताओं ने भी अलग राह अपनाने की घोषणा की थी। लगातार बढ़ते विरोध और इस्तीफों के बीच प्रदेश नेतृत्व ने हस्तक्षेप करते हुए मंडल इकाई को भंग करने का निर्णय लिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन स्तर पर की गई यह कार्रवाई अनुशासन को लेकर प्रदेश नेतृत्व के सख्त रुख का संकेत है। साथ ही इसे डोंगरगढ़ में संगठनात्मक स्थिति को नियंत्रित करने और नए सिरे से पार्टी ढांचे को मजबूत करने की पहल के रूप में भी देखा जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि पुनर्गठन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की संभावना है। हालांकि, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई टीम के गठन के बाद पार्टी लंबे समय से चले आ रहे संगठनात्मक असंतोष और गुटबाजी पर किस हद तक नियंत्रण स्थापित कर पाती है।