Edited By Vandana Khosla, Updated: 06 May, 2026 03:04 PM

भोपाल: मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दों को लेकर सियासत तेज हो गई है। 7 मई को कांग्रेस सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है, जिसमें मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नेशनल हाईवे...
भोपाल: मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दों को लेकर सियासत तेज हो गई है। 7 मई को कांग्रेस सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है, जिसमें मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नेशनल हाईवे जाम कर किसानों की समस्याओं और मांगों को लेकर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की गई है, जिससे कई जिलों में यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
भोपाल में पीसी शर्मा ने बताया कि सरकार की खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है। बार-बार खरीदी और स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाने से सिस्टम की कमजोरी उजागर हो गई है। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया के पहले 14 दिनों में केवल 9.30 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा गया है। इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। किसान स्लॉट बुकिंग, रजिस्ट्रेशन पर्ची अपलोड करने और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।
पार्टी ने सरकार से मांग की है कि किसानों को गेहूं का दाम 2625 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाए। साथ ही, जिन किसानों ने कम कीमत पर गेहूं बेचा है, उन्हें अंतर की राशि “भावांतर योजना” के तहत सीधे उनके बैंक खातों में दी जाए। इसके अलावा, पार्टी ने मूंग और सोयाबीन के दामों को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस के इस आंदोलन के कारण 11 जिलों में करीब 747 किलोमीटर तक यातायात प्रभावित होने की संभावना है। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन किसानों के हित में किया जा रहा है, जबकि प्रशासन ने भी सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर तैयारी शुरू कर दी है।