भाजपा नेता और पूर्व मंत्री बालेन्दु शुक्ला कांग्रेस में शामिल हुए

Edited By PTI News Agency, Updated: 05 Jun, 2020 07:49 PM

pti madhya pradesh story

भोपाल, पांच जून (भाषा) पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने के बाद विधानसभा के आगामी उपचुनावों के मद्देनज़र कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत बनाने के उदेश्य से भाजपा...

भोपाल, पांच जून (भाषा) पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने के बाद विधानसभा के आगामी उपचुनावों के मद्देनज़र कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत बनाने के उदेश्य से भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बालेन्दु शुक्ला को शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की उपस्थिति में पार्टी में शामिल कर लिया।
शुक्ला, बसपा और भाजपा से होते हुए वापस कांग्रेस में आए हैं। राजनीति की शुरुआत उन्होंने कांग्रेस से ही की थी और कभी स्वर्गी माधवराव सिंधिया के खास माने जाते थे।
वर्ष 1993-98 के बीच प्रदेश में कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शुक्ला ने कई अहम विभागों के लिये काम किया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार शुक्ला, पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्वर्गीय माधवराव सिंधिया के बचपन के मित्र थे, लेकिन उनके निधन के बाद उनके पुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया के सक्रिय राजनीति में आने के बाद ग्वालियर के पूर्व राजघरानों के निवास में उनका प्रवेश बंद हो गया।
शुक्ला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा ने मुझे सम्मान दिया है, लेकिन अब मेरे लिए उस पार्टी में कोई उपयोगिता नहीं है और मेरे कांग्रेस के मित्रों ने मुझे जोर देकर कांग्रेस में वापस आने के लिए कहा। इसके बाद मैंने कांग्रेस में वापसी का फैसला किया है।’’ कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में प्रवेश ने भी शुक्ला के लिए भगवा पार्टी में रहना मुश्किल कर दिया था।
मध्यप्रदेश में विधानसभा के होने वाले 24 सीटों के उपचुनाव में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की 16 सीटें हैं और भाजपा को कड़ी टक्कर देने के लिए कांग्रेस ने शुक्ला को अपने खेमे में शामिल किया है।
हालांकि भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी पंकज चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘आने वाले उपचुनावों में भाजपा की चुनाव संभावनाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि कांग्रेस के पास कोई प्रभावी नेता नहीं है। इसलिए कांग्रेस उन लोगों को वापस ले रही है जो घर में बेकार बैठे थे। यह कांग्रेस के मानसिक दिवालियेपन को भी दर्शाता है।’’

यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!