युवक की हिरासत में मौत: पुलिस के एक और अधिकारी निलंबित, अब तक छह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई

Edited By PTI News Agency, Updated: 14 Sep, 2021 12:55 PM

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भोपाल, 14 सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश सरकार ने खरगोन जिले में 35 वर्ष के एक आदिवासी युवक की न्यायिक हिरासत में मौत के मामले में कथित लापरवाही के सिलसिले में एक और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया है।

भोपाल, 14 सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश सरकार ने खरगोन जिले में 35 वर्ष के एक आदिवासी युवक की न्यायिक हिरासत में मौत के मामले में कथित लापरवाही के सिलसिले में एक और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया है।

पिछले सप्ताह खरगोन जिले की बिस्टान पुलिस द्वारा आदिवासी युवक बिसन की डकैती के एक मामले में गिरफ्तारी के बाद हुई मौत के मामले में प्रदेश सरकार ने चार पुलिसकर्मियों और जिला जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया था। बाद में रविवार को खरगोन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शैलेंद्र सिंह चौहान का भी तबादला कर दिया गया। इस मामले में प्रदेश सरकार ने अब तक छह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।

पीड़ित परिवार और कुछ संगठनों ने आरोप लगाया था कि हिरासत में क्रूरता के कारण आदिवासी की मौत हुई।

सोमवार देर रात जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘राज्य शासन ने खरगोन जिले के भीकनगांव के एसडीओपी प्रवीण कुमार उइके को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शासन द्वारा जारी आदेशानुसार बिस्टान थाने में 6 एवं 7 सितंबर की दरम्यानी रात में बिसन की मृत्यु के संबंध में कमजोर पर्यवेक्षण और कर्तव्य में लापरवाही के कारण एसडीओपी उइके को निलंबित किया गया है।’’
खरगोन उप जेल में बिसन की मौत के बाद 100 से अधिक गुस्साये ग्रामीणों के एक समूह ने 7 सितंबर की सुबह बिस्टान पुलिस थाने पर हमला कर दिया था। इस हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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