Edited By Himansh sharma, Updated: 26 Oct, 2026 11:47 AM

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में भाजपा के एक पदाधिकारी से जुड़ा कथित ऑडियो विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है।
राजगढ़: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में भाजपा के एक पदाधिकारी से जुड़ा कथित ऑडियो विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई बातचीत को लेकर तलेन थाना पुलिस ने भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं इकलेरा के सरपंच श्रवण पाटीदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ता से फोन पर अभद्र भाषा में बात की और उसे जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले की शुरुआत गांव में नल-जल योजना के तहत पानी की आपूर्ति प्रभावित होने की शिकायत से जुड़ी बताई जा रही है। इकलेरा निवासी भाजपा कार्यकर्ता नीरज शर्मा ने गांव में नल बंद रहने की समस्या को लेकर कलेक्टर के समक्ष आवेदन दिया था। आरोप है कि इस शिकायत को लेकर 22 अक्टूबर को नीरज शर्मा और श्रवण पाटीदार के बीच फोन पर विवाद हुआ। इसके बाद बातचीत का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगा, जिसे लेकर जिले में चर्चा तेज हो गई।
कलेक्टर तक शिकायत पहुंचने के बाद बढ़ा विवाद
नीरज शर्मा की शिकायत के मुताबिक, गांव में नल-जल योजना की समस्या प्रशासन के सामने रखने के बाद उन्हें फोन पर अपशब्द कहे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। मामले में शिकायतकर्ता ने 24 अक्टूबर की रात तलेन थाने पहुंचकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर श्रवण पाटीदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(4) और 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
वायरल ऑडियो से पंचायत प्रतिनिधियों के व्यवहार पर सवाल
इस घटनाक्रम ने स्थानीय स्तर पर पंचायत प्रतिनिधियों के व्यवहार और आम लोगों की शिकायतों पर उनकी प्रतिक्रिया को लेकर बहस छेड़ दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं अक्सर प्रशासन तक पहुंचाई जाती हैं। ऐसे में शिकायत करने वाले व्यक्ति के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आने से विवाद और गहरा गया है।
इकलेरा पंचायत में निर्माण कार्यों को लेकर कथित अनियमितताओं की शिकायतों के संदर्भ में भी पहले विवाद सामने आने की बात कही जा रही है। अब नल-जल योजना को लेकर दर्ज हुए इस मामले ने स्थानीय राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है।
फिलहाल इस प्रकरण में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता, शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।