Edited By Himansh sharma, Updated: 24 Oct, 2026 07:00 PM
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में भाजपा के एक पदाधिकारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में भाजपा के एक पदाधिकारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जिले के इकलेरा गांव में भाजपा जिला उपाध्यक्ष और ग्राम पंचायत सरपंच श्रवण पाटीदार की कथित फोन रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा है। आरोप है कि इस बातचीत के दौरान उन्होंने गांव के ही एक युवक के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उसे जान से मारने की धमकी दी। बताया जा रहा है कि शिकायत करने वाला युवक भी भाजपा से जुड़ा हुआ है। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
फोन पर गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, विवाद इकलेरा गांव के दो लोगों के बीच फोन पर हुई बातचीत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बातचीत के दौरान श्रवण पाटीदार ने उनके साथ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। युवक का दावा है कि कथित ऑडियो में गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी भी सुनाई दे रही है।
इस घटना को लेकर पीड़ित ने तलेन थाने में लिखित आवेदन दिया है। शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है। हालांकि, वायरल बताए जा रहे ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें मौजूद बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में मामले में पुलिस जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
पुलिस ने लिया आवेदन, जांच के बाद होगी कार्रवाई
शिकायत सामने आने के बाद तलेन थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी धर्मवीर पलैया के मुताबिक, इकलेरा गांव के एक युवक ने अपने ही गांव के सरपंच के खिलाफ आवेदन दिया है। शिकायत में दोनों के बीच गाली-गलौज होने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने फिलहाल आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि की है। थाना प्रभारी के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने और आरोपों की पुष्टि होने का इंतजार है।
पहले भी विवादों में आ चुका है सरपंच का नाम
श्रवण पाटीदार को लेकर यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब इससे पहले भी उनके खिलाफ विवाद से जुड़ा एक मामला चर्चा में रहा था। जानकारी के मुताबिक, कुछ महीने पहले पंचायत में कराए गए निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं की शिकायत के बाद मौके पर पहुंचे कुछ यूट्यूबर्स के साथ विवाद और मारपीट का मामला सामने आया था।
उस घटना से जुड़े वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए थे। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक तक शिकायत पहुंचने की बात कही गई थी। अब एक बार फिर कथित फोन रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद सामने आने से सरपंच के व्यवहार और सार्वजनिक पद पर बैठे जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पिछले मामले में कार्रवाई की स्थिति और वर्तमान शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड से होना जरूरी है।
राजनीतिक छवि और जनप्रतिनिधियों के आचरण पर उठे सवाल
राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का व्यवहार अक्सर जनता के बीच उनकी पार्टी की छवि से भी जुड़ जाता है। ऐसे में किसी पदाधिकारी पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल और धमकी देने जैसे आरोप लगना चर्चा का विषय बन जाता है।
स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि सार्वजनिक जिम्मेदारी निभाने वाले लोगों से किस तरह के आचरण की अपेक्षा की जानी चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतभेद और विवादों का समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए। फिलहाल राजगढ़ के इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।