Edited By meena, Updated: 02 Oct, 2026 03:33 PM

खैरागढ़ के शिक्षा विभाग में रिटायर्ड शिक्षकों की पेंशन को लेकर सामने आई शिकायतों ने विभागीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि पेंशन...
खैरागढ़ (पुष्पेंद्र सिंह) : खैरागढ़ के शिक्षा विभाग में रिटायर्ड शिक्षकों की पेंशन को लेकर सामने आई शिकायतों ने विभागीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि पेंशन संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर किसी से 60 हजार तो किसी से 40 हजार रुपये तक की कथित मांग की गई। मामले में करीब तीन से चार सेवानिवृत्त शिक्षकों ने अलग-अलग शिकायतें कलेक्टर कार्यालय में की हैं।
शिकायतकर्ताओं के आरोपों में खैरागढ़ ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ बाबू वीरेंद्र सिंह गहरवाल का नाम भी सामने आया है। वहीं, शिकायतों में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नीलम राजपूत पर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जांच के लिए टीम गठित की है। डिप्टी कलेक्टर खैरागढ़ पूजा पिचा के मुताबिक शिकायतों की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
इधर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नीलम राजपूत ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को झूठा बताया है। ऐसे में अब जांच रिपोर्ट यह तय करेगी कि शिकायतों में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और पेंशन प्रक्रिया में कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक अपनी जिंदगी के कई दशक बच्चों को पढ़ाने में लगा देते हैं, क्या सेवानिवृत्ति के बाद उनकी पेंशन जैसी वैधानिक प्रक्रिया भी उन्हें आसानी से मिल रही है? अगर शिकायतों में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल कुछ कर्मचारियों या अधिकारियों का मामला नहीं रहेगा, बल्कि विभागीय निगरानी और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े होंगे। फिलहाल प्रशासनिक जांच के नतीजे का इंतजार है।