Edited By Desh Raj, Updated: 15 Mar, 2026 05:09 PM

छतीसगढ़ में कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल को लेकर कथावाचक के आरोपों से बवाल बढता जा रहा। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल पर श्रीमद्भागवत कथा के भुगतान को लेकर प्रदेश की राजनीति में विवाद खड़ा होता जा रहा है। लेकिन इसी बीच अब मंत्री का कथावाचक के आरोपों...
(रायपुर): छतीसगढ़ में कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल को लेकर कथावाचक के आरोपों से बवाल बढता जा रहा। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल पर श्रीमद्भागवत कथा के भुगतान को लेकर प्रदेश की राजनीति में विवाद खड़ा होता जा रहा है। लेकिन इसी बीच अब मंत्री का कथावाचक के आरोपों पर जवाब सामने आया है।
कथावाचक पर 15 लाख रुपये की मांग का आरोप, मंत्री अग्रवाल ने दिया जवाब
मंत्री राजेश अग्रवाल ने मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि भारतीय नमो सेवा दल” नामक संस्था ने कार्यक्रम का आवेदन दिया था। साथ ही मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों के लिए सरकारी धनराशि देना संभव नहीं है और अधिकारियों को भेजने के बाद राशि मिलती, अगर मिल जाए राशि तो ठीक है..न मिले तो संभव नहीं होता।
मैने कोई कथा नहीं करवाई-अग्रवाल
पैसा नहीं मिलने पर वीडियो डालकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है । वहीं राजेश अग्रवाल ने कहा है कि मामला आस्था से जुड़ा है, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। विभाग में किसी धार्मिक कथा के लिए बजट का प्रावधान नहीं है। इसलिए आवेदन निरस्त कर दिया। इसके बाद कथावाचक उनसे व्यक्तिगत रूप से पैसे की मांग कर रहे हैं,
इसके साथ ही राजेश अग्रवाल ने कहा है कि इस मामले से उनका कोई लेना देना नहीं है। वो और उनका परिवार न को श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ और समापन के मौके पर नहीं गया है। मैने ऐसा कोई आयोजन नहीं किया है। लखनपुर में मैने कोई ऐसा आयोजन नहीं करवाया था। लेकिन तथाकथित कथावाचक वीडियो जारी करके दवाब डाल रहे हैं।
वहीं कथावाचक डॉ. रामानुरागी महाराज ने वीडियो जारी कर विधानसभा के बाहर आत्मदाह करने की चेतावनी दे दी है। कथावाचक का कहना है कि 2 से 9 जनवरी 2026 तक अंबिकापुर के लखनपुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा का वाचन उन्होंने किया था। लेकिन अब अगर पैसा मांगों को धक्का देकर बाहर निकाला जाता है। लिहाजा मंत्री राजेश अग्रवाल ने कथावाचक के आरोपों पर जवाब देकर खुद को मामले से अलग किया है।