Edited By Himansh sharma, Updated: 04 Jan, 2026 04:13 PM

मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण फैला संक्रमण अब गंभीर रूप ले चुका है।
इंदौर। (सचिन बहरानी): मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण फैला संक्रमण अब गंभीर रूप ले चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने आधिकारिक तौर पर इसे क्षेत्रीय महामारी घोषित किया है। इंदौर की स्थिति को सुधारने और जांच के लिए आईसीएमआर कोलकाता, एम्स भोपाल और एनआईआरबीआई की टीमें इंदौर पहुंच चुकी हैं।
दरअसल, इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल पीने से एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना को जहां प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लिया है, वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इसका संज्ञान लिया है।
सीएमएचओ ने बताया कि प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा भी अलग-अलग टीमें जांच के लिए भेजी गई हैं। नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर रिसर्च इन बैक्टीरियल इंफेक्शन, कोलकाता से दो वैज्ञानिक भी इंदौर पहुंचे हैं।
गौरतलब है कि भागीरथपुरा क्षेत्र में सप्लाई हो रहे नर्मदा जल को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि यह पानी पीने योग्य नहीं है। सैंपल में फीकल कॉलिफॉर्म, ई-कोलाई, विब्रियो और प्रोटोजोआ जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं।
वहीं, भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से बीमार हुए लोगों का इलाज निजी अस्पतालों के साथ-साथ एमवाय अस्पताल में भी जारी है। मरीजों की कल्चर रिपोर्ट में हैजा (कॉलेरा) की आशंका भी जताई गई है।