Edited By Vikas Tiwari, Updated: 19 Feb, 2026 03:08 PM

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के मुद्दे पर मध्यप्रदेश विधानसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के...
भोपाल (इजहार हसन खान): इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के मुद्दे पर मध्यप्रदेश विधानसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की।
सिंघार ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण कई लोगों की जान गई और मृतकों की संख्या सरकार द्वारा बताए गए आंकड़े से अधिक है। उन्होंने दावा किया कि मृतकों की संख्या 35 है और सभी पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मामला न्यायालय में लंबित है, इसलिए सदन में विस्तृत चर्चा न्यायालय की अवमानना की स्थिति पैदा कर सकती है। पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने सुझाव दिया कि इस विषय पर अलग बैठक कर चर्चा की जाए। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा ने भी अदालत में मामला लंबित होने का हवाला देते हुए सदन में बहस को अनुचित बताया।
डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि 21 से 29 दिसंबर के बीच डायरिया फैलने से स्थिति गंभीर हुई थी और 22 मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की राहत राशि दी गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और एक आईएएस अधिकारी को निलंबित किया गया है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा किए गए राहत कार्यों का भी उल्लेख किया गया। हालांकि, विपक्ष इस्तीफे की मांग पर अड़ा रहा और सदन में तीखी नोकझोंक के बीच हंगामा जारी रहा।