Edited By meena, Updated: 16 Feb, 2026 01:18 PM

मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत तीखे राजनीतिक माहौल के बीच हुई। सत्र के पहले दिन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सदन को संबोधित किया, लेकिन विपक्ष के जोरदार विरोध और नारेबाजी...
भोपाल (इजहार खान) : मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत तीखे राजनीतिक माहौल के बीच हुई। सत्र के पहले दिन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सदन को संबोधित किया, लेकिन विपक्ष के जोरदार विरोध और नारेबाजी के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही। सदन की शुरुआत परंपरागत रूप से छह छंदों में ‘वंदे मातरम्’ के गायन के साथ हुई, जिसके बाद राज्यपाल ने अपना अभिभाषण प्रारंभ किया।
सरकार की उपलब्धियों और ‘अमृत काल’ का विजन
राज्यपाल ने अपने संबोधन में सरकार की विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और ‘संकल्प पत्र 2023’ के वादों पर हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अमृत काल’ विजन का जिक्र करते हुए वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य दोहराया। भाषण में बुनियादी ढांचे, निवेश, कृषि और सामाजिक योजनाओं में सरकार की उपलब्धियों को प्रमुखता से रखा गया।
विपक्ष का हंगामा और उठे सवाल
अभिभाषण के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नल-जल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा उठाया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्यपाल के भाषण में इन गंभीर विषयों का उल्लेख नहीं किया गया। इसी बात को लेकर विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सदन का माहौल गरमा गया।
हंगामे के बीच पूरा हुआ अभिभाषण
लगातार शोर-शराबे के बावजूद राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पूरा किया। उनके सदन से प्रस्थान के बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने शेष अभिभाषण को पढ़ा हुआ मानने की घोषणा की। इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी गई। बजट सत्र 6 मार्च तक जारी रहेगा। बजट सत्र की इस हंगामेदार शुरुआत ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।