पुलिसवालों ने बेच दिया जमीर, मरणासन्न हालत में टीबी मरीज को ड्रग तस्करी में फंसाने के लिए घर से उठाया, कोर्ट ने गिराई गाज

Edited By Desh sharma, Updated: 22 Jan, 2026 04:32 PM

the actions of the indore police have tarnished the department s reputation

इंदौर से पुलिस का एक ऐसा कारनामा सामने आय़ा है जो पुलिस को ही कलंकित कर रहा है। दरसअल शहर के एमआईजी थाना पुलिस की करतूत ने ने पूरी पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इंदौर (सचिन बहरानी): इंदौर से पुलिस का एक ऐसा कारनामा सामने आय़ा है जो पुलिस को ही कलंकित कर रहा है। दरसअल शहर के एमआईजी थाना पुलिस की करतूत ने पूरी पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाने के नौ पुलिसकर्मियों ने मिलकर एक गंभीर टीबी मरीज को गलत तरीके से ड्रग्स तस्करी के आरोपी के रुप में पेश कर दिया।

पुलिस वाले  टीबी जैसी बीमारी की मरणासन्न हालत में उसे घर से उठाकर हिरासत में ले लिया।  यही नहीं परिजनों से युवक को छोड़ने के लिए चालीस हजार की डिमांड भी की और परिजनों ने 25 हजार भी दे  दिए।

पुलिसकर्मियों ने युवक का स्कूटर वापस लौटाया और युवक को जेल भेज दिया जहां उसकी बीमारी से मौत हो गई थी। अब पूरे मामले में परिजनों की और से दायर याचिका के बाद कोर्ट ने सभी नौ पुलिस कर्मियों की विभागीय जांच करने के निर्देश दिए है।

PunjabKesari

दरअसल यह मामला तब उजागर हुआ जब इंदौर की जिला अदालत में मृतक टीवी मरीज की बहन की और से याचिका दायर की गई। न्यायालय ने पाया कि पुलिस ने टीबी से पीड़ित व्यक्ति को उसके घर से उठाकर ब्राउन शुगर तस्करी के आरोप में हिरासत में लिया था, जबकि उसके पास कोई ठोस सबूत नहीं थे। मृतक अजय सोनी की छोटी बहन राधिका का दावा है कि  गलत तरीके से गिरफ्तार किए गए उसके भाई को कोर्ट में पेश किया गया और जेल के दौरान उसकी मौत हो गई।

गौरतलब है कि अजय इंदौर में सरकारी टीबी हॉस्पिटल में भर्ती था और डॉक्टरों ने परिजनों को बता दिया था कि अजय का जीवन काफी कम है। लेकिन फिर भी एमआईजी थाना पुलिस उसे घर से  उठाकर ले गई। आरोप है कि जब लेनदेन नहीं हुआ तो उसे इंदौर के देवास रोड स्थित अयोध्या कॉलोनी से गिरफ्तार करना बताकर एनडीपीएस एक्ट का मामला दिखाकर जेल भेज दिया।

जहां टीबी का पूरा इलाज ना मिलने के चलते उसकी मौत हो गई।परिजन यह भी आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस ने अवैध वसूली की भी कोशिश की, हालांकि इस बारे में विस्तृत जानकारी अभी जांच में सामने आएगी।

इस पूरे मामले में राधिका में कोर्ट के समक्ष अजय को अजय की ही एक्टिवा पर घर से ले जाने के सीसीटीवी फुटेज पेश किए। इसी आधार पर न्यायालय ने जांच के बाद पुलिस कमिश्नर को सभी संबंधित पुलिस कर्मियों की विभागीय जांच कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!