अपनी ही सरकार में त्रस्त भाजपा विधायक! उठा सकते हैं ये बड़ा कदम

Edited By meena, Updated: 04 Mar, 2026 05:59 PM

bjp mlas are distressed within their own government they may take this drastic

मध्य प्रदेश में भाजपा नेता अपनी ही सरकार से नाराज चल रहे हैं। मामला इंदौर की विधानसभा क्रमांक-5 का है। जहां भाजपा विधायक महेंद्र हार्डिया ने अवैध निर्माण और आवासीय भवनों में कथित व्यावसायिक

इंदौर : मध्य प्रदेश में भाजपा नेता अपनी ही सरकार से नाराज चल रहे हैं। मामला इंदौर की विधानसभा क्रमांक-5 का है। जहां भाजपा विधायक महेंद्र हार्डिया ने अवैध निर्माण और आवासीय भवनों में कथित व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर खासे नाराज नजर आ रहे हैं। हार्डिया ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए सख्त चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे स्थानीय पार्षदों और रहवासियों के साथ मिलकर बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे।

नियम विरुद्ध चल रहे हॉस्टल और होटल पर आपत्ति

अपनी सरकार में प्रशासन की कार्यप्रणाली से नाराज BJP विधायक की नाराजगी खुलकर सामने आई है। विधायक का आरोप है कि कई कॉलोनियों के आवासीय भवनों में नियमों के विपरीत हॉस्टल, होटल और स्टूडियो अपार्टमेंट संचालित किए जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर अनैतिक गतिविधियों की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र के रहवासी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नगर निगम अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

विधायक के अनुसार, पूर्व निगम आयुक्त तथा वर्तमान कलेक्टर शिवम वर्मा को भी मौके पर ले जाकर स्थिति दिखाई गई थी। वहीं, वर्तमान निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल से रहवासी संघों के साथ मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया गया, परंतु अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए।

विधानसभा में भी उठा मामला

महेन्द्र हार्डिया ने इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया था। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने वहां गोलमोल जानकारी प्रस्तुत की। जवाब में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि आवासीय निर्माण पर व्यावसायिक संचालन की अनुमति नगर निगम द्वारा जारी नहीं की जाती। ऐसे में विधायक ने सवाल उठाया है कि यदि अनुमति नहीं दी जाती, तो फिर अवैध रूप से संचालित हो रहे निर्माण और गतिविधियां अधिकारियों की नजर में क्यों नहीं आ रहीं।

इन कॉलोनियों से आ रही अधिक शिकायतें

वार्ड-37 के पार्षद प्रतिनिधि महेश जोशी के अनुसार महालक्ष्मी नगर, तुलसी नगर, साईं कृपा, राधिका पैलेस, वीणा नगर और मानसरोवर कॉलोनियों से सबसे अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। रहवासियों का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों से यातायात, सुरक्षा और सामाजिक वातावरण पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

आंदोलन की तैयारी

विधायक ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो वे क्षेत्रीय नागरिकों के साथ सड़क पर उतरेंगे। अब देखना यह होगा कि नगर निगम इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या विवाद बढ़कर बड़े जन आंदोलन का रूप लेता है। फिलहाल इंदौर विधानसभा-5 में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर सवाल उठने लगे है कि यदि खुद सत्ता में होते हुए जनप्रतिनिधियों का ये हाल है तो आमजन का क्या हाल होगा।

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