Edited By meena, Updated: 10 Sep, 2026 01:17 PM

महिला एवं बाल विकास संचालनालय में आयुक्त निधि निवेदिता के कार्य विभाजन से जुड़ा आदेश शासन ने निरस्त कर दिया है। यह आदेश संचालनालय की ओर से...
भोपाल (इजहार खान) : महिला एवं बाल विकास संचालनालय में आयुक्त निधि निवेदिता के कार्य विभाजन से जुड़ा आदेश शासन ने निरस्त कर दिया है। यह आदेश संचालनालय की ओर से 3 सितंबर 2026 को जारी किया गया था, जिसमें संचालनालय में पदस्थ अधिकारियों के बीच कार्यों का विभाजन किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारी की उनके सीनियर के साथ पटरी नहीं बैठ रही थी।
इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन ने 9 सितंबर 2026 को आदेश जारी कर 3 सितंबर को जारी किए गए उक्त कार्य विभाजन आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। यानी 3 सितंबर को जारी हुआ आदेश महज 6 दिन बाद ही शासन के स्तर से वापस ले लिया गया। शासन के इस फैसले के बाद संचालनालय में किए गए कार्य विभाजन की कवायद पर भी रोक लग गई।
मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आयुक्त के कार्यकाल के अंतिम दौर में जारी किए गए इस आदेश को शासन ने निरस्त कर दिया। हालांकि, शासन के आदेश में निरस्तीकरण की वजह विस्तार से नहीं बताई गई है।

थप्पड़ कांड से सुर्खियों में रहीं निधि निवेदिता
2012 बैच की IAS अधिकारी निधि निवेदिता एक आईएएस को थप्पड़ मारने के बाद सुर्खियों में आई थी। तीखे तेवर और कड़क मिजाज निधि निवेदिता कमलनाथ की सरकार के दौरान राजगढ़ जिले की कलेक्टर थीं। उस समय बीजेपी की तरफ से CAA के समर्थन में रैली में उन्होंने बीजेपी के नेता को थप्पड़ जड़ दिया था। बाद में एक ASI को भी थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आया था। इसके बाद मार्च 2020 में कमलनाथ की सरकार गिर गई और शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के सीएम बने। सीएम बनने के बाद उन्होंने अफसरों के ट्रांसफर किए, जिसमें निधि निवेदिता का भी नाम था। इसके बाद उन्हें फील्ड ड्यूटी नहीं लगी। उन्हें मंत्रालय में ही अलग-अलग विभागों में उनकी पोस्टिंग रही है।