Edited By Himansh sharma, Updated: 04 Dec, 2025 01:52 PM

कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब माल्हनवाड़ा क्षेत्र का एक सहायक बीएलओ शराब के नशे में धुत होकर सीधे कलेक्टर से मिलने पहुंच गया।
छिंदवाड़ा। कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब माल्हनवाड़ा क्षेत्र का एक सहायक बीएलओ शराब के नशे में धुत होकर सीधे कलेक्टर से मिलने पहुंच गया। हाथ में गणना पत्रक और जुबान पर एक ही बात— “वर्कलोड बहुत है साहब… अब काम नहीं होगा।”
सूत्रों के अनुसार सहायक बीएलओ का आरोप है कि उसकी वरिष्ठ बीएलओ उसके साथ अभद्र व्यवहार करती हैं और अत्यधिक काम का दबाव डालती हैं। इसी तनाव में वह सभी गणना पत्रक कलेक्टर को लौटाने आ गया। लेकिन नशे में उसके बेतुके व्यवहार को देखकर पुलिसकर्मियों ने उसे तत्काल कलेक्ट्रेट से बाहर कर दिया।
बाहर किए जाने के बाद भी वह देर तक मैदान में चक्कर काटता रहा और बड़बड़ाता रहा। इससे पहले वह एसडीएम कार्यालय पहुंचा था, फिर एडीएम ऑफिस गया, जहां भी उसे बाहर का रास्ता दिखाया गया।
इस बीच जिले में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का काम जोर-शोर से चल रहा है। अब तक 91% डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है और कलेक्टर हरेंद्र नारायण के नेतृत्व में 12 लाख 26 हजार से अधिक गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं।
ग्राम पंचायतों से लेकर शहर के मतदाता सहायता केंद्र लोगों को फॉर्म भरने में मदद कर रहे हैं, जिसके चलते जिला वर्तमान में प्रदेश में 16वें स्थान पर चल रहा है।
घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं कि भारी दबाव में काम कर रहे फील्ड स्टाफ की स्थिति आखिर कितनी तनावपूर्ण हो गई है।