Edited By Desh Raj, Updated: 23 Feb, 2026 10:35 PM

एमपी के 1 करोड़ 78 लाख मजदूरों के लिए एक बड़ा फैसला आया है। मंत्री प्रहलाद पटेल ने खुद इसके लिए पहल करते हुए मुहर लगाई है। दरअसल मध्यप्रदेश के असंगठित क्षेत्र के 1 करोड़ 78 लाख मजदूरों के लिए अहम फैसला लिया गया है।
(भोपाल): एमपी के 1 करोड़ 78 लाख मजदूरों के लिए एक बड़ा फैसला आया है। मंत्री प्रहलाद पटेल ने खुद इसके लिए पहल करते हुए मुहर लगाई है। दरअसल मध्यप्रदेश के असंगठित क्षेत्र के 1 करोड़ 78 लाख मजदूरों के लिए अहम फैसला लिया गया है। अब इन सभी का स्वास्थ्य परीक्षण करके डिजिटल हेल्थ रिकार्ड रखा जाएगा। श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल (Minister Prahlad Patel) की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस पर मुहर लगाई गई है। असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल की चतुर्थ बैठक में इस महत्वपूर्ण फैसले को किया गया है। "मुख्यमंत्री श्रम श्री" स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत यह काम किया जाएगा।
मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण करके डिजिटल हेल्थ रिकार्ड रखा जाएगा
दरअसल मध्यप्रदेश में असंगठित श्रमिकों में खासतौर से 25 वर्ष से कम उम्र के और 50 वर्ष से अधिक उम्र के श्रमिकों को स्वास्थ्य परीक्षण में प्राथमिकता दी जाएगी। श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में मप्र असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल की बैठक में ये फैसला हुआ है। मंडल के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्राक्कलन को स्वीकृति प्रदान की गई है।
आपको बता दें कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को श्रमणा योजना के अंतर्गत सहकारी समिति बनाकर स्वरोजगार की दिशा में अवसर प्रदान करने के लिए एक करोड़ की राशि का प्रावधान मंडल के बजट में करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही संबल कार्ड के नवीनीकरण के लिए श्रमिकों से शुल्क लेने तथा नियोजकों से अभिदाय लेकर असंगठित श्रमिकों के लिए कल्याण निधि गठित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
कहा जा रहा है कि ये राज्य के करीब 1 करोड़ 78 लाख मजदूरों के हित में बड़ा फैसला है। इस निर्णय से असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को राहत मिलेगी और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ और आसानी से मिल सकेगा।