Edited By meena, Updated: 20 Jan, 2026 04:07 PM

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भाजपा नेता के बेटे के साथ हुई लूट की वारदात में बड़ा खुलासा हुआ है। इस लूट की हत्या में न कोई लुटेरा था और न ही कोई लूट की वारदात हुई थी, ये सारी कहानी भाजपा नेता के बेटे द्वारा..
ग्वालियर : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भाजपा नेता के बेटे के साथ हुई लूट की वारदात में बड़ा खुलासा हुआ है। इस लूट की हत्या में न कोई लुटेरा था और न ही कोई लूट की वारदात हुई थी, ये सारी कहानी भाजपा नेता के बेटे द्वारा रची हुई थी। दरअसल, भाजपा नेता के बेटे ने पिता द्वारा दी फीस की रकम मौज-मस्ती में उड़ा दी। इसके बाद फीस भरने के लिए उसने 2.50 लाख रुपए लूटे जाने की झूठी कहानी रच दी। लेकिन सच सामने आने से पहले जैसे ही पुलिस को भाजपा नेता के बेटे के साथ दिनदहाड़े लूट की सूचना मिली तो शहर भर में हड़कंप मच गया। जैसे ही भाजपा नेता के बयान लिए गए और पुलिस ने वारदात की कड़ियां जोड़ी तो सारी की सारी कहानी साफ हो गई। आखिरकार भाजपा नेता के बेटे ने भी कबूल कर लिया कि फीस के पैसे वसूलने के लिए उसने ये झूठी स्क्रिप्ट लिखी।
जानकारी के मुताबिक, शहर के आरा मिल निवासी भाजपा नेता धारा सिंह सेंगर के 19 वर्षीय बेटे कृष्णदीप सिंह सेंगर महाराजपुरा स्थित एक निजी विश्वविद्यालय का छात्र है। भाजपा नेता ने उसे फीस जमा करने के लिए ढाई लाख रुपए दिए थे। लेकिन सोमवार दोपहर करीब 1.15 बजे पुलिस को सूचना मिली कि वह घर से 2.50 लाख रुपए यूको बैंक की हजीरा शाखा में जमा करने आया था। कैश विंडो पर पैन कार्ड मांग जाने पर वह खाटू श्याम मंदिर के पास गली में फोटो कॉपी कराने गया। उसके पास पेन भी नहीं था, तो वह पेन खरीदने चला गया। इसी बीच दो बदमाशों ने बाइक से टक्कर मारकर उसे गिराया और जैकेट के अंदर रखी रकम लूटकर फरार हो गए।
सूचना मिलते ही हजीरा पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कृष्णदीप से घटना की सारी जानकारी ली। थाना प्रभारी जितेन्द्र तोमर के मुताबिक लूट की कहानी शुरुआत से ही संदिग्ध लगी। पेन खरीदने की बात थोड़ी अटपटी सी थी क्योंकि जिस दिशा में कृष्णदीप के पेन लेने जाने की बात कही गई, वह बैंक से बिल्कुल उल्टी दिशा में थी। इसके बाद पुलिस ने कृष्णदीप की मोबाइल कॉल डिटेल निकलवाई। जिसमें एक बेहद हैरान कर देने वाली कॉल थी। जिस समय लूट की घटना होना बताया गया उसी समय कृष्णदीप ने पटरी रोड निवासी ईशान से फोन पर बात की थी। इसके अलावा बैंक के सीसीटीवी फुटेज की जांच में भी कृष्णदीप और ईशान दोनों एक साथ दिखाई दिए। पूछताछ के बाद कृष्णदीप टूट गया और आखिरकार पूरी कहानी का सच उगल दिया।
सच सामने आते ही पुलिस ने ईशान और उसके साथी को बुलाया और उनके पास से सारी रकम जब्त की। कृष्णदीप ने बताया कि उसने ही दोस्त ईशान को बैंक के पास बुलाकर 2.50 लाख रुपए थमा दिए और खुद लूट की सूचना दे दी।
सारी घटना का खुलासा करते हुए कृष्णकांत ने कहा कि वह फीस के पैसे लेने के बाद दोस्तों के साथ दिल्ली घूमने चला गया था। वहां काफी खर्चा हो गया था। इसलिए सूदखोरों से मोटे ब्याज पर पैसा उधार लिया। अब सूदखोर वसूली के लिए धमका रहे थे। इसलिए लूट की कहानी रचकर कर्जा पटाने का प्लान बनाया था।