Edited By meena, Updated: 28 Feb, 2023 03:16 PM

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले नसबंदी के बाद एक महिला ने तीसरे बच्चे को जन्म दिया है
अंबिकापुर (प्रशांत कुमार यादव) : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले नसबंदी के बाद एक महिला ने तीसरे बच्चे को जन्म दिया है। महिला के पति मजदूरी करता है और बच्चे के पालन पोषण के लिए चिंतित है। अब परिजनों ने बच्चे के पालन पोषण के लिए स्वास्थ्य विभाग से मुआवजे की मांग की है। मामले को लेकर चिकित्सा अधिकारी ने जांच कराने की बात कही है।
हैरान कर देने वाला मामला लखनपुर विकासखंड के ग्राम गोरता झवरपारा का है। ग्रामीण महिला सिनी पति राजेंद्र रजवाड़े ने बताया कि उनके पति मजदूरी का कार्य करते हैं और पहले से ही उनका एक लड़का और एक लड़की है। जिसके बाद उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में परिवार नियोजन शिविर में मितानिन के साथ जाकर जांच कराया। जांच उपरांत अंबिकापुर जिला चिकित्सालय में दिसंबर 2021 में नसबंदी ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के 3 माह बाद ही महिला प्रेग्नेंट हो गई और फरवरी 2023 में महिला ने बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद इसकी सूचना महिला और उसके परिजनों के द्वारा लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों को दी तथा बच्चे के पालन पोषण के लिए स्वास्थ्य विभाग से मुआवजे की मांग की जा रही है। फिलहाल महिला और महिला के परिजन बच्चे के पालन पोषण को लेकर चिंतित है।

मितानिन सुमित्रा राजवाड़े का कहना है कि सिमी पति राजेंद्र रजवाड़े के दो बच्चे के बाद आगे बच्चा नहीं चाहते थे। 17 दिसंबर 2021 को इनका जिला चिकित्सालय में नसबंदी ऑपरेशन हुआ था। फरवरी 2023 में महिला ने तीसरे बच्चे को जन्म दिया है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के एमपीडब्ल्यू सिस्टर को जानकारी दी जिस पर उन्होंने कहा इस पर अब क्या कर सकते हैं। दोबारा नसबंदी कराना पड़ेगा।

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पीएस मार्को
लखनपुर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पीएस मार्को से संबंध पर बात करने पर उनके द्वारा कहा गया कि यह मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। शासन के गाइडलाइन के अनुसार जो सहयोग होगा महिला को दिया जाएगा।