बुंदेलखंड में खेती करेगा ये NRI, विदेशों में बेचेंगे अपनी फसल, सैकड़ों को मिलेगा रोजगार

Edited By Vikas Tiwari, Updated: 16 Oct, 2020 04:12 PM

these nris will cultivate in bundelkhand

पन्ना जिले को बुंदेलखंड का सबसे पिछड़े जिला कहा जाता है। यूं तो पन्ना में खनिज संपदा का भंडार है और इसके साथ ही पन्ना जिला चारों ओर से जंगलों से घिरा हुआ है, और ज्यादातर यहां पर परंपरागत तरीके से खे ...

पन्ना (टाइगर खान): पन्ना जिले को बुंदेलखंड का सबसे पिछड़े जिला कहा जाता है। यूं तो पन्ना में खनिज संपदा का भंडार है और इसके साथ ही पन्ना जिला चारों ओर से जंगलों से घिरा हुआ है, और ज्यादातर यहां पर परंपरागत तरीके से खेती भी अच्छी मात्रा में होती है। लेकिन साजिद खान प्रवासी भारतीय जो वर्तमान में पन्ना में निवासरत हैं, उनके द्वारा कलेक्टर पन्ना संजय कुमार मिश्र से मुलाकात कर किसानों को जागरूक करने और परंपरागत खेती से हटकर पन्ना जिले में 1000 एकड़ में अपनी निजी भूमि में उद्यानिकी फसलों की खेती करने की चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि उद्यानिकी फसलों के उत्पादन को दुबई ले जाकर बेचेंगे। जिससे उन्हें भारत की तुलना में अधिक आय प्राप्त हो सकेगी। साथ ही उद्यानिकी विभाग की शासकीय उद्यान रोपणी जनकपुर में निर्मित पॉली हाउस में जरबेरा एवं डच रोज की खेती भी उनके द्वारा की जायेगी। जिससे जिले के किसानों में फूलों की खेती करने के लिये जागरूकता पैदा होगी।

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पन्ना जिला जो कि मंदिरो की नगरी के नाम से जाना जाता है। चारों ओर से घने जंगलों से घिरे पन्ना जिले में अपार खनिज संपदा है। लेकिन यहां रोजगार के कोई संसाधन न होने के चलते यहां ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में पलायन होता है। कोरोना काल में दुबई से पन्ना वापस आये साजिद खान ने देखा कि यहां बहुत से रोजगार के साधन हैं और उद्यानिकी में काफी आपॉर्चुनिटी है। उन्होंने देखा कि पन्ना में कई अन्य चीजों की खेती करके दुबई में बेचा जा सकता है। क्योंकि वहां इन फसलों की काफी मांग है। जिसके बाद साजिद के द्वारा कलेक्टर पन्ना से मुलाकात कर उनसे चर्चा की और बताया कि पन्ना के किसान साल में 2 ही फसल कर पा रहे हैं। अब उन्हें नई चीज सीखने को मिलेगी जिससे उन्हें काफी फायदा भी होगा। साजिद के द्वारा लगभग एक हजार एकड़ में स्टिविया जो कि एक प्राकृतिक शुगर होती है। इसके साथ ही डज रोज, जरबेरा आदि की पैदावार करके इसे दुबई और अन्य देशों में बेचेंगे। जिससे विदेशी मुद्रा की आय होगी।

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जानकारों का कहना है इस नई तरह की खेती से पन्ना के किसानों का काफी लाभ होगा। इसके साथ ही पन्ना में रोजगार के संसाधन भी उपलब्ध होंगे। पन्ना से पलायन भी रुकेगा। लोगों का विकास भी होगा। इसके साथ ही साजिद के द्वारा सैकड़ों लोगों को रोजगार तो उपलब्ध कराया ही जायेगा और मजदूरों के बच्चो को अच्छी शिक्षा देने का भी काम किया जाएगा। वरिष्ठ नागरिक और दिग्गज भाजपा नेता बाबूलाल यादव का कहना है कि मेरी जानकारी में ये कार्य पन्ना ने नया कार्य होगा और लोगो मे विदेशी फसलों के प्रति जागरूकता भी आएगी। वहीं पन्ना जिले के कलेक्टर का कहना है कि अभी कुछ किसानों ने स्टिविया की खेती की थी। जिनकी फसलों को साजिद के द्वारा मौके पर ही खरीद लिया गया है। जैसा उनके द्वारा बताया गया है। इसमें काफी अच्छा स्कोप भी दिखाई दे रहा है और इसके साथ ही उनके पास उत्पादन को अन्य देशों में एक्सपोर्ट करने के संसाधन भी हैं। निश्चित ही इससे जिले के किसानों को काफी फायदा मिलेगा।

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