Edited By Himansh sharma, Updated: 29 Jul, 2026 08:54 PM

मध्य प्रदेश के कटनी जिले में पुलिस महकमे से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।
कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में पुलिस महकमे से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। शहर की सीएसपी (DSP) नेहा पच्चीसिया पर एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी ने कथित रूप से अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रशासनिक कदम उठाए हैं। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत सीएसपी के वाहन चालक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि उनके अधीन आने वाले तीन थाना क्षेत्रों का प्रभार भी वापस ले लिया गया है। पूरे प्रकरण की विभागीय जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) कमल मौर्य को सौंपी गई है।
जानकारी के अनुसार, ट्रांसपोर्ट व्यवसायी महेंद्र कुमार जैन ने 22 जुलाई को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वाहन चेकिंग के दौरान उनकी हाईवा गाड़ी को रोककर 30 हजार रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि मौके पर 25 हजार रुपये नकद लिए गए, जबकि शेष 5 हजार रुपये अगले दिन चालक के माध्यम से मंगवाए गए।
व्यवसायी ने अपनी शिकायत के समर्थन में कुछ दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे हैं तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने प्रारंभिक स्तर पर मामले की समीक्षा कर सीएसपी के चालक केशव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच ASP कमल मौर्य को सौंप दी गई।
इसी बीच पुलिस विभाग की ओर से नया कार्य विभाजन आदेश भी जारी किया गया। आदेश के तहत कुठला, माधवनगर और रंगनाथ नगर थाना सीएसपी नेहा पच्चीसिया के कार्यक्षेत्र से हटाकर उनका प्रभार अजाक डीएसपी शिवा पाठक को सौंप दिया गया है।
शिकायतकर्ता महेंद्र जैन का कहना है कि उनकी पांच गाड़ियां रेत और डोलोमाइट परिवहन में लगी हैं। उनका आरोप है कि जांच के दौरान राशि देने का दबाव बनाया गया और पैसे नहीं देने पर वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई। इसके बाद उन्होंने पूरे घटनाक्रम की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की।
वहीं, जांच अधिकारी ASP कमल मौर्य ने बताया कि शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर लगाए गए आरोपों की सत्यता अभी विभागीय जांच के अधीन है। जांच पूरी होने और आधिकारिक निष्कर्ष आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।